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महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में रहने वाली कलावती बांदुरकर की बेटी पपिता रामटेके ने कुएं में कूदकर कथित रूप से आत्महत्या की कोशिश की. हालांकि वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचा लिया.किसान आत्महत्या से जूझ रहे विदर्भ के जालका गांव में रहने वाली कलावती के किसान पति ने कुछ वर्षों पहले आत्महत्या कर ली थी. कलावाती उस वक्त अचानक सुर्खियों में आ गईं थी, जब मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनके घर जाकर मुलाकात की और फिर उसके बाद ससंद में किसान विधवाओं के लिए प्रतीक के तौर पर कलावती का जिक्र किया था.
कलावती के कुल आठ बच्चे थे, जिनमें से दो बच्चों की मौत पहले ही हो चुकी है. ताज़ा मामला उनकी 28 वर्षीय बेटी पपिता रामटेके का है, जिसने शुक्रवार शाम करीब साढ़े बजे मारेगांव में सिदना की पुराने कोर्ट परिसर में स्थित एक कुएं में छलांग लगा दी. हालांकि उस वक्त वहां मौजूद लोगों ने तुरंत हरकत में आते हुए उसे बचा लिया.
लोगों ने फिर पुलिस को इस खबर दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई. वहीं पुलिस ने जब उससे इस कदम की वजह पूछी तो उसने कहा कि उसे किसी से कोई शिकायत नहीं. इसके साथ ही उसने अपनी मां को इस बारे में बताते से भी मना किया. इसके बाद पुलिस ने उसे समझा बुझाकर उसके पति के हवाले कर दिया.हालांकि पपिता के इस कदम के पीछे का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि पारिवारिक कलह से तंग आकर उसने आत्महत्या की कोशिश की.
कौन हैं कलावती?
कलावती यवतमाल जिले के मारेगांव तालुका स्थित जालका गांव में रहती है. उनके किसान पति ने कर्ज न चुका पाने के कारण वर्ष 2005 में आत्महत्या कर ली थी. वर्ष 2008 में राहुल गांधी कलावती से मिलने उनके घर तक गए और फिर संसद में उनके साहस को सलाम किया तो वह अचानक से सुर्खियों में आ गई. देशभर के मीडिया समूह उनके दरवाज़े पर जा पहुंचे और देखते ही देखते हुए वह किसान विधवाओं के लिए प्रतीक बन गईं. इसके बाद उन्हें सरकार की तरफ से कुछ आर्थिक मदद और खेती के जमीनें भी दी गई थीं.
Article source: http://www.jagran.com/delhi/new-delhi-city-14398190.html
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