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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि पीओके में आतंकवादी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक हुए या नहीं, इस पर चर्चा करने से कुछ हासिल नहीं हो सकता. इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या इससे जमीनी स्थिति में कोई बदलाव आया. उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं. इस पर अब बहस करना बेकार लगता है.उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘यह चर्चा करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुए अथवा नहीं. हमें इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि क्या इन हमलों से कुछ जमीनी बदलाव हुए हैं.’
वह 29 सितम्बर 2016 को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों पर सेना की तरफ से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर नये वीडियो सामने आने पर प्रतिक्रिया जता रहे थे. कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के शिविर पर आतंकवादियों के हमले के 11 दिन बाद, 29 सितंबर 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे. उरी हमले में सेना के 19 जवान शहीद हुए थे और कई अन्य जख्मी हो गए थे.
राम माधव के कश्मीर में होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुनने में आ रहा है कि कम से कम 17-18 लोगों से बात की जा रही है. इसका इलाज राज्यपाल के पास है. विधानसभा को भंग कर देना चाहिए. इससे विधायकों की खरीद फरोख्त रूक जाएगी.(भाषा इनपुट के साथ)
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/desh/pm-modi-ramzan-487691.html
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