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AIADMK के 18 विधायकों को अयोग्य ठहराने वाले मामले में मद्रास हाईकोर्ट के जजों के बंटे हुए फैसले को निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे जज की नियुक्ति कर दी है. आपको बता दे कि 18 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचा था. इस मुद्दे पर दोनों जजों की राय अलग थी.सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मद्रास हाईकोर्ट से ट्रांसफर करने की अपील को खारिज कर दिया और इस केस के लिए तीसरे जज के तौर पर जस्टिस एम. सत्यनारायण की नियुक्ति कर दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने 18 बागी विधायकों को लेकर जजों में हुए मतभेद को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए फटकार भी लगाई. इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने 14 जून को बंटा हुआ फैसला सुनाया था. इस मामले पर वरिष्ठ
वकील विकास सिंह ने कहा कि इस मामले पर फैसला जल्द आना बहुत जरूरी है.उन्होंने कहा कि तीसरे जज की नियुक्ति की जानकारी वॉट्सऐप मैसेज के जरिए से मिली है. कोर्ट ने कहा है कि वो वॉट्सऐप मैजेस पर नहीं जाएंगे और मामले की सुनवाई 27 जून को होगी.
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इस मामले की सुनवाई कर रहे में से मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने विधायकों की अयोग्यता बरकरार रखी है, जबकि जस्टिस एम सुंदर ने इसे रद्द करने का फैसला सुनाया.
आखिरी फैसला आने तक तमिलनाडु में कोई उपचुनाव नहीं करवाए जाएंगे. इन सभी विधायकों को अन्नाद्रमुक के बागी नेता टीटीवी दिनाकरण के साथ वफादारी निभाने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
Article source: https://gadgets.ndtv.com/hindi/mobiles/redmi-s2-launch-set-for-today-2-news-1850071
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