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बुधवार को अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था जम्मू-कश्मीर के बेस कैंप से रवाना हुआ. इस बार इस यात्रा के लिए सुरक्षा के ज़बरदस्त इंतज़ाम किए गए हैं. जो यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाते हैं वो श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर का दर्शन जरूर करते हैं. 11000 फीट ऊपर श्रीनगर की डल झील से सटा, 2300 साल पुराने इस मंदिर में भक्तों की काफी आस्था है. बाबा बर्फानी की पवित्र छड़ी मुबारक भी इसी मंदिर से जाती है. लिहाजा इस मंदिर के आस-पास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.अगर हम ये कहे कि श्रीनगर का शंकराचार्य मंदिर अमरनाथ यात्रा सुरक्षा का आइना है तो ये गलत नहीं होगा. श्रीनगर में सबसे ऊंची जगह होने के नाते यहां मंदिर के अलावा दूसरे महत्वपूर्ण संस्थानों के सुरक्षा कैंप भी हैं. इसके अलावा दूरदर्शन का ऑफिस भी इस मंदिर की पहाड़ी पर है. बेहद संवेदनशील इलाका होने के नाते इस मंदिर में कैमरा और मोबाइल ले जाने की सख्त मनाही है.

मंदिर से शहर का नज़ारा
यहां से श्रीनगर की हर जगह आपको नजर आ जाएगी, चाहे वो डल झील हो, रिहाइशी इलाका हो या फिर कुछ और… श्रद्धालुओं और मंदिर की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल की टुकड़ियां यहां हमेशा मुस्तैद रहती है. अलग-अलग एजेंसियों के कई महत्वपूर्ण संस्थान भी यहां मौजूद है. संचार विभाग की टीम लगातार मंदिर में मौजूद रहती हैं.मंदिर के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों कहना है कि वैसे तो साल भर यहां श्रद्धालु आते हैं लेकिन अमरनाथ यात्रा के दौरान तो यहां का नजारा ही अलग होता है. हर वक्त यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है और ये लोग उनकी सेवा के लिए तैयार रहते हैं.
यहां सुरक्षा बेहद पुख्ता है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महिला कमांडो की भी तैनाती मंदिर के बाहर की गई है. यानि खास महिला कमांडो सिर्फ इस मंदिर की सुरक्षा के लिए है. कुल मिलाकर इस पवित्र मंदिर को देखकर यही कहा जा सकता है कि अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तैयारी कर रखी है.
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Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/mother-dairys-campaign-jeetenge-dil-484694.html
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