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अभिनेत्री के कथित यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी अभिनेता दिलीप को फिर से ‘एएमएमए’ (मलयालम फिल्म उद्योग संघ) में वापसी के फैसले की चौतरफा आलोचना हो रही है. कहा जा रहा है कि निर्दोष साबित होने तक वो किसी भी संस्था के कार्यकर्ता के तौर पर काम नहीं कर सकते.पार्टीलाइन से अलग होकर नेताओं और महिला आयोग ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. पिछले साल फरवरी में सामने आई इस घटना के बाद अभिनेता को संस्था से अलग कर दिया गया था.
एएमएमए ने 24 जून को हुई अपनी एक बैठक के बाद यौन शोषण मामले में आरोपी अभिनेता दिलीप को वापस संगठन में शामिल करने का फैसला लिया था. दूसरी तरफ पीड़ित अभिनेत्री समेत तीन सदस्यों ने एएमएमए के फैसले का विरोध करते हुए एक दिन पहले इस्तीफा दे दिया. इसके अलावा WCC (वुमेन इन सिनेमा क्लेक्टिव) के अहम सदस्य और मशहूर अभिनेत्री रेवती, पार्वती और पद्मप्रिया ने एएमएमए में अभिनेता दिलीप की वापसी की जांच के लिए चिट्ठी भी लिखी.
ये भी पढ़ें: बाप-बेटे की इस जोड़ी ने साथ की हैं सबसे ज्यादा फिल्में, पढ़ें बॉलीवुड का दिलचस्प ट्रिवियाWCC सदस्यों का कहना है कि पहले एएमएमए ने पीड़ित अभिनेत्री का पूरा साथ देने का दावा किया था. लेकिन अब संस्था मे उनकी वापसी इस दावे को झुठला रही है. अभिनेता दिलीप को अभिनेत्री के अपहरण और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया था उसके बाद उन्हें बेल पर रिहा कर दिया था.
इस पूरे मामले पर अभिनेता दिलीप का दावा हे कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है जिसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी. अभिनेता ने कहा, “मै किसी भी संस्था में काम नहीं करना चाहता जब तक मैं फिल्म संघ के आगे निर्दोष साबित नहीं हो जाता.” अभिनेता ने एएमएमए का उनके पक्ष में फैसला लेने के लिए आभार जताया.
गौरतलब है कि अदाकारा ने आरोप लगाया था कि तमिल और तेलुगू फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता ने उनका अपहरण किया और कार में दो घंटे तक उनका यौन शोषण किया। मामला 17 फरवरी 2017 का है।
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/Khabar-Cricket/~3/kzm5ptkEF94/story01.htm
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