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केंद्र सरकार ने कहा है कि भारतीय कर प्रणाली में अभूतपूर्व सुधार के एक साल पूरे होने को यादगार बनाने के लिए एक जुलाई को जीएसटी डे मनाया जाएगा. संसद के केंद्रीय कक्ष में एक कार्यक्रम के दौरान 30 जून, 2017 की मध्यरात्रि को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लॉन्च किया गया था.वित्त मंत्रालय ने कहा, “इसे लागू करना आसान नहीं था. लेकिन भारतीय कर प्रणाली में इस अभूतपूर्व सुधार में भारतीय करदाताओं के भागीदार बनने की तत्परता से दुनिया के लिए जीएसटी एक मिसाल बन गई है”
On completion of 1st Year of implementation of the historic Indirect Tax Reform of GST, the Union Minister of Railways,Coal,Finance Corporate Affairs,Shri @PiyushGoyal said:No country across the world of Indian size diversity ever attempted to implement such a mega tax reform
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) June 30, 2018
नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने से पहले भारत में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों द्वारा लगाए जाने वाले करों का एक गड़बड़झाला था. मंत्रालय ने कहा, “जीएसटी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर सही मायने में बड़ा प्रभाव पड़ा है और ये एक गेम चेंजर साबित हुआ है, क्योंकि इससे कई स्तरों पर लगने वाले अप्रत्यक्ष करों की जटिल व्यवस्था बदल गई है और उसकी जगह एक सरल, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी से प्रेरित कर व्यवस्था आ गई है”
पिछले साल पहली जुलाई से ये टैक्स व्यवस्था लागू हो गई थी. तब से लेकर अबतक सरकार की तरफ से 11 महीने की टैक्स उगाई के आंकड़े जारी किए जा चुके हैं, सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 11 महीने यानी जुलाई 2017 से लेकर मई 2018 तक देश में GST के तहत 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्स इकट्ठा हो चुका है.
सरकार की तरफ से जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2017 से मई 2018 तक कुल 10,07,395 करोड़ रुपए का टैक्स इकट्ठा हुआ है. 12वें महीने यानी जून के लिए टैक्स उगाही के आंकड़े जुलाई की शुरुआत में जारी होंगे.
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Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/kashmiris-believe-bjp-pulled-out-of-coalition-as-part-of-grand-strategy-for-2019-yashwant-sinha-led-team-1432974.html
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