Thursday, 28 June 2018

SBI ने चुनावी बॉन्ड से चंदा पाने वाले राजनीतिक दलों की जानकारी देने से इनकार किया


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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चुनावी बॉन्ड खरीदने वालों के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया है. सरकार को भेजी गयी रिपोर्ट के बारे में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के जरिए ये जानकारी मांगी गई थी.कार्यकर्ता वेंकटेश नायक ने इस बारे में आरटीआई के तहत आवेदन किया था. नायक ने एसबीआई द्वारा सम्बद्ध सूचना नहीं दिए जाने को ‘ साफ तौर पर गलत ’ बताया है. बैंक ने मांगी गयी जानकारी को संबंधित लोगों के बारे में व्यक्तिगत सूचना बताते हुए कहा कि ये सूचनाएं उसके पास ‘दूसरों की अमानत’ के तहत रखी गयी हैं और कानून में इस तरह की जानकारी न देने की छूट है.


इसी आधार पर उसने एसबीआई ने चुनावी बॉन्ड खरीदने वालों, इन्हें भुनाने वाले राजनीतिक दलों और इनकी बिक्री के बारे में सरकार को भेजी बैंक रिपोर्ट की जानकारी देने से इनकार किया.


बैंक द्वारा उपलब्ध करवाए गए ब्यौरे के अनुसार मार्च 2018 में उसने 222 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के बांड बेचे. अप्रैल में ये बिक्री 114.9 करोड़ रुपये रही.आपको बता दें कि सरकार चुनावी बांड योजना इसी साल जनवरी मे लेकर आई थी. इसके तहत भारतीय नागरिक एसबीआई से ये बॉन्ड खरीदकर उसे राजनीतिक दलों को चंदा देने में इस्तेमाल कर सकते हैं और पार्टियां उसे एक निश्चित अवधि के लिए बैंक में रख सकती हैं.


नायक ने कहा कि आरटीआई अधिनिमय के तहत प्रस्तुत आवेदनों पर सूचना देने के लिए अधिकृत भारतीय स्टेट बैंक का प्रधान सूचनाधिकारी मतदाता बांड के खरीददार और उसके जरिए चंदा हासिल करने वाली राजनीतिक पार्टी के साथ बैंक के संबंधों को अमानती का संबंध मान रहा है. ये ग्रहाक की गोपनीयता के संबंध में जारी रिजर्व बैंक के वृहद प्रपत्र के प्रावधानों का उल्लंघन है.’


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Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/desh/pm-modi-ramzan-487691.html

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