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गौरी लंकेश की हत्या के मामले में पहले आरोपी केटी नवीन कुमार पर अब गवाह ने 10 महीने पुराने इस मामले में कथित रूप से मुख्य गवाह को डरा-धमका कर सबूत पेश करने से रोकने की कोशिश की थी. नवीन कुमार ने सेशन कोर्ट में जमानत की याचिका दायर की है, जहां सुनवाई के दौरान उसपर ये आरोप लगा.सरकारी वकील टीएम नरेंद्र ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नवीन कुमार ने हिरासत में होने के बाद भी मुख्य गवाह गिरीश पर दबाव डालने की कोशिश की. मामले की जांच कर रही एसआईटी ने फरवरी में नवीन को गिरफ्तार किया था, वह दो महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है.
नवीन कुमार ने मद्दूर में हिन्दू युवा सेने’ की स्थापना की थी. उसके संगठन का पहला सदस्य उसका चचेरा भाई गिरीश था जो कि अब पुलिस का गवाह है.
एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि गिरीश ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान में बताया कि वह पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की साजिश के बारे में जानता था. बयान आईपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किया गया है, जो ट्रायल के दौरान सबूत के तौर पर मान्य होगा. वहीं नवीन कुमार की कानूनी टीम ने उसी मजिस्ट्रेट के सामने पत्र देकर कहा था कि गिरीश अपने बयान को वापस लेना चाहता है.बता दें कि 5 सितंबर 2017 को बाइकसवार दो लोगों ने ऑफिस से लौट रही गौरी लंकेश की हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं तीन साजिशकर्ताओं की उसे तलाश है. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने गौरी लंकेश को इसलिए मार दिया क्योंकि वो उन्हें ‘एंटी-हिन्दू’ मानते थे.
नवीन कुमार द्वारा बनाई गई हत्या की साजिश के बारे में जानने वाले चार लोग पुलिस के गवाह बन गए हैं. इसमें से गिरीश और दो अन्य हिन्दू युवा सेने के सदस्य थे, जबकि सुरेश ने आरोपियों की मदद के लिए उन्हें अपने घर पर रहने के साथ बाइक इस्तेमाल करने के लिए दी थी.
नवीन कुमार की जमानत याचिका पर आपत्ति जताते हुए प्रॉसीक्यूटर ने कहा कि वह मुख्य गवाह को धमकाकर उसपर दबाव डाल सकता है.
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प्रॉसीक्यूटर ने यह भी बताया कि हत्या कि हत्या में इ्स्तेमाल गोलियों के प्रकार और नवीन कुमार के घर से एसआईटी को मिली गोलियाों के प्रकार में भी समानता मिली है. सप्ताह के अंत तक बैलिस्टिक रिपोर्ट सेशन कोर्ट में जमा की जाएगी.
वहीं नवीन कुमार के वकील ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वह नार्को टेस्ट से गुजरने के लिए तैयार है.
गिरीश कौन है?
गिरीश हत्या के आरोप केटी नवीन कुमार का चचेरा भाई और हिन्दू युवा सेने का सह-संस्थापक है. नवीन के कबूलनामे के मुताबिक गिरीश हत्या के साजिशकर्ताओं के साथ बैठक के बारे में जानता था.
कहा जा रहा है कि गिरीश ने बेंगलुरु में ‘हिन्दुत्व वर्कशॉप’ के लिए नवीन का साथ दिया था, जहां उनकी मुलाकात एक अन्य हिन्दुवादी कार्यकर्ता मोहन गौड़ा से हुई. गौड़ा ने ही नवीन को अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं के संपर्क में रखा. उसी ने नवीन कुमार को हिन्दू जनजागृति समीति के सुजीत कुमार (प्रवीण) से मिलाया था.
13 जनवरी को गौरी लंकेश की हत्या के लिए साजिशकर्ताओं ने एक गुप्त बैठक की, जिसमें गिरीश भी मौजूद था. यहीं वह मामले के तीन अन्य आरोपियों सुजीत, अमोल काले और निहाल दादा से मिला. इन तीनों में निहाल अभी पुलिस की गिरफ्त से बहार है जबकि अन्य दो न्यायिक हिरासत में हैं.
बताया जा रहा है कि लंकेश की हत्या के कुछ हफ्ते बाद नवीन सुजीत, काले और निहाल को अपने फार्महाउस पर लेकर गया, जहां उन्होंने मैसूर के प्रोफेसर केएस भगवान की हत्या की साजिश रची. पता चला है कि प्रोफेसर की हत्या के लिए तीनों ने उनके घर पर नजर रखनी भी शुरू कर दी थी.
एसआईटी के अनुसार, जिस हथियार से गौरी लंकेश की हत्या की गई थी उसी हथियार से प्रोफेसर कलबुर्गी और मुंबई में रहने वाले लेफ्ट विचारक गोविंद पंसारे की भी हत्या की गई थी.
Article source: http://hindi.pradesh18.com/news/madhya-pradesh/bhopal/fight-within-congress-for-leader-of-opposition-1507074.html
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