READ MORE
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किया. उन्होंने कहा, ‘ये ऐतिहासिक दिन है. सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को पाप कहा था. ये नारी की गरिमा और सम्मान का बिल है’. वहीं, एआईएमएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक बिल संविधान के खिलाफ है. यह महिलाओं के अधिकारों का हनन करता है.ओवैसी ने अपने भाषण में इन बिंदुओं का भी जिक्र किया…
इस्लाम में तलाक-ए-बिद्दत और देश में घरेलू हिंसा कानून पहले से लागू है. ऐसे में देश को नए कानून की क्या जरूरत है.
केंद्र सरकार तीन तलाक पर जो बिल ला रही है, वह सविंधान द्वारा दिए गए मूल अधिकारों का हनन करता है. तीन तलाक पर सरकार का बिल कानून लचर है. इसमें कई ऐसे प्रावधान हैं, जो कानूनसंगत नहीं हैं.
संसद को सिर्फ इस आधार पर तीन तलाक पर कानून बनाने का अधिकार नहीं मिल जाता कि यहां मूल अधिकारों का हनन हो रहा है.
तीन तलाक पर कोई नया बिल या कानून लाने से पहले जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस करानी चाहिए.
घरेलू हिंसा एक्ट 2005 महिलाओं को पहले ही संरक्षण दे रहा है. ऐसे में नए कानून की क्या जरूरत है.
Article source: http://hindi.pradesh18.com/news/live-news/rbi-launches-new-rs-500-notes-in-delhi-see-first-look-1510024.html
No comments:
Post a Comment