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अनूप ने जब शादी कर लेने की बात की तो परमजीत राज़ी थी लेकिन उसे डर था कि परिवार राज़ी नहीं होगा. अनूप ने परिवार के साथ बातचीत करने को कहा तो परमजीत का कहना था कि वह अपने पापा को जानती है. राज़ी होना तो दूर, उन्हें पता चला तो पता नहीं क्या कर बैठेंगे. परमजीत का यह डर कितना सही था, परमजीत के कत्ल के बाद अनूप को अब महसूस होता है.पिछले एक-डेढ़ साल से परमजीत और अनूप का प्यार परवान चढ़ रहा था. कहानी में मोड़ तब आया जब अनूपगढ़ की रहने वाली 19 साल की परमजीत के सामने अनूप ने शादी का प्रस्ताव रखा और शादी के लिए परिवार से बातचीत करने को कहा. परमजीत को डर था कि उसके पापा को यह रिश्ता कतई मंज़ूर नहीं होगा लेकिन अनूप के ज़ोर देने पर उसने कहा कि वह मां से बात करके उनका मन टटोलेगी. मां को इशारों में जब परमजीत ने कुछ बताया तो मां का भी यही कहना था कि ऐसा कुछ सोचना भी मत, वरना तेरे पापा जाने क्या कर बैठेंगे.
परमजीत बहुत डरी हुई सी रहती थी. उसने अनूप से कहा कि न तो उसका घर पर बात कर पाना संभव है और न ही उसके पापा का इस रिश्ते के लिए तैयार होना क्योंकि अनूप की बिरादरी भी अलग है. दोनों ने बहुत सोचने के बाद फैसला किया कि घर से भागकर शादी कर ली जाए. करीब 10 दिन पहले परमजीत ने घर से कुछ ज़रूरी सामान अपने बैग में रखा और मौका देखकर घर से निकल गई. प्लैन के मुताबिक वह अनूप से मिली और दोनों श्रीगंगानगर ज़िले में स्थित अपने गांव से बाहर चले गए.
देर शाम तक जब परमजीत घर नहीं लौटी तो उसके पापा बलबीर ने पुलिस में बेटी के गायब हो जाने की रिपोर्ट लिखवाई. परमजीत का मां का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था और घर पर रिश्तेदार जमा हो रहे थे. काफी तलाश की गई और जब तीन-चार दिन तक परमजीत का पता नहीं चला तो सब इस आशंका से खामोश और मातमशुदा हो चुके थे कि वह कहीं किसी गंभीर हादसे का शिकार हो चुकी है. अगले दो-तीन दिन भी कोई खबर नहीं मिली.गायब होने के करीब हफ्ते भर बाद पुलिस ने परमजीत और अनूप को तलाश लिया और बलबीर को थाने बुलाया गया. पुलिस की मौजूदगी में परमजीत ने कबूल किया कि वह अनूप से प्यार करती है और दोनों शादी करने के लिए चले गए थे. परमजीत ने यह भी कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्ज़ी के लड़के से शादी करना चाहती है. थाने में पुलिस की दखलंदाज़ी के साथ बात इस नतीजे पर पहुंची कि दोनों की शादी करवा दी जाए. दोनों के परिवारों ने सहमति जताई और शादी रीति रिवाज के मुताबिक किए जाने की बात तय हो गई.

इसके बाद परमजीत और अनूप अपने अपने परिवार के साथ घर चले गए. घर पहुंचते ही बलबीर ने परमजीत पर नाराज़गी ज़ाहिर की और उसे खूब खरी खोटी सुनाई. परमजीत की मां बेटी के पक्ष में आई और बलबीर को मारपीट करने से रोका. बीते शुक्रवार यानी 22 जून को इस तनाव के बाद बलबीर एक नई धारदार कुल्हाड़ी खरीदकर लाया. परमजीत की मां को किसी अनहोनी का शक हुआ और उसने अपने पति बलबीर के साथ झगड़ा कर कुल्हाड़ी फेंक देने को कहा. बलबीर ने गुस्सा थूक दिया और कुल्हाड़ी फेंककर सोने चला गया.
काफी देर तक रोती और सहमती हुई मां बेटी देर रात सो सकीं. इधर बलबीर अपने कमरे में बस इन्हीं खयालों में रहा कि कैसे उसकी बेटी की वजह से पूरे समाज में उसकी इज़्ज़त तार-तार हो गई. समाज के लोग और रिश्तेदार व पड़ोसी कैसे उसे ताने दे रहे हैं और कैसे ताने देंगे. उसे बस यही महसूस हो रहा था कि अब वह अपनी बेटी के कारण किसी से नज़र नहीं मिला सकेगा और किसी के सवालों का जवाब भी नहीं दे सकेगा.
अगली सुबह यानी 23 जून को बलबीर जब सोकर उठा तो उसने दूसरे कमरे में परमजीत को नींद में देखा. उसे देखते ही बलबीर गुस्से से भर गया और रात भर के सारे खयाल और सवाल एक साथ उसके ज़हन में उठे. वह तमतमाया हुआ बाहर गया और वही नयी कुल्हाड़ी उठाकर परमजीत के कमरे की तरफ बढ़ा. इस वक्त परमजीत की मां ने बलबीर को देखा तो उसने इरादा भांपते हुए बलबीर को रोका. बलबीर ने उसे ज़ोर का धक्का दिया तो वह दूर गिर पड़ी.
इसके बाद बलबीर उस कमरे में पहुंचा और परमजीत के गले पर कुल्हाड़ी दे मारी. खून का फव्वारा छूट पड़ा. परमजीत की मां चीख पड़ी. इसके बाद भी बलबीर का गुस्सा शांत नहीं हुआ और तड़पती हुई परमजीत पर एक के बाद एक कई बार कुल्हाड़ी से उसने हमला किया. हमला करते हुए यही दोहराता रहा कि उसने कहीं का नहीं छोड़ा. चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और बलबीर को किसी तरह काबू किया.

परमजीत की लहूलुहान लाश देखकर लोगों के होश उड़ गए. बलबीर को पकड़कर सबने पुलिस के हवाले कर दिया और परमजीत की मां अपनी छाती पीट-पीटकर रोती और चीखती रही. कुछ ही दिनों में जिस बेटी के हाथ पीले देखने थे, उसे खून में नहाया हुआ देख रही परमजीत की मां को होनी पर भरोसा ही नहीं हुआ. आॅनर किलिंग की इस कहानी में अनूप के वास्तविक नाम का खुलासा नहीं हुआ है.
इसी महीने हुई थी एक और हत्या
श्रीगंगानगर ज़िले में इसी महीने आॅनर किलिंग का एक और मामला सामने आया था जब 28 वर्षीय धर्मवीर का अपहरण करने के बाद उसकी कथित हत्या कर दी गई थी. धर्मवीर ने एक लड़की के साथ परिवारों की मर्ज़ी के खिलाफ शादी की थी जिसके बाद लड़की के पक्ष के रिश्तेदारों ने दोनों को अगवा कर लिया था और इसके बाद लड़की तो ज़िंदा मिली लेकिन धर्मवीर की लाश बरामद की गई थी.
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Article source: http://hindi.news18.com/news/jharkhand/ranchi/shoppers-will-go-to-jail-952301.html
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