Friday, 1 December 2017

डेमोक्रेसी से स्किल डेवलपमेंट तक, ओबामा के स्पीच की बड़ी बातें


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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में हिस्सा लेने शुक्रवार को भारत पहुंचे. समिट में ओबामा ने 20 मिनट तक स्पीच दी. इस दौरान उन्होंने आतंकवाद, लोकतंत्र, आर्थिक सुधार और वैश्विकरण पर बात की. ओबामा ने कहा कि भारत जैसे मुल्क को अपने लोगों के ‘स्किल डेवलपमेंट’ पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.बराक ओबामा ने सुबह 11:30 बजे अपना अपनी स्पीच शुरू की और 11:50 तक बोलते रहे. इस कार्यक्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और वरिष्ठ कांग्रेस लीडर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए.


ओबामा के स्पीच की बड़ी बातें:-


-ओबामा ने कहा, “इंटरनेशनल ऑर्डर स्थापित करने के लिए हमने काफी कुछ किया है. इसके बावजूद तनाव बना हुआ है. दुनिया में वैश्विकरण, आतंकवाद, असमानता जैसे तत्वों ने तनाव को बढ़ावा दिया है.”


-उन्होंने कहा, “कम्युनिकेशन से ही लोगों को असली ताकत मिलती है और आज दुनिया अधिक कनेक्टेड है. हालांकि, दुनिया में कई सारे विभाजनकारी तत्व भी सक्रिय हैं.”



-बराक ओबामा ने कहा, “राष्ट्रपति के तौर पर दो बार भारत आने वाला मैं पहला अमेरिकी राष्ट्रपति रहा. मैंने व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा शुरू की. मेरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंध ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे. दोनों देशों के बीच कई सारी समानताएं हैं.”



-ओबामा ने दुनिया में बढ़ते राष्ट्रवाद और नस्लवाद का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “भारत और अमेरिका में कई चीजें एक जैसी हैं, हमारा लोकतंत्र, हमारा संविधान, हमारे मूल्य. उन्होंने कहा कि यह ऐसा वक्त है जब खुद लोकतंत्र पर सवाल है.”



-भारत जैसे मुल्क को अपने लोगों के कौशल विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए. इसी से युवाओं को जॉब मिलेगी और उनका भविष्य बेहतर होगा. कोई शक नहीं कि ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण जॉब जा रही है, लेकिन स्किल बढ़ाने से हमें दूसरे तरह की नौकरियां मिल सकती हैं.”



-ओबामा ने कहा, “मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा नकारे जाते हैं. टॉप 1 प्रतिशत लोग ज्यादा धन इकट्ठा कर लेते हैं और गरीबों को कुछ नहीं मिलता. हमें मजदूरों को सही मजदूरी, किसानों को सही दाम देना होगा.”



-ओबामा ने कहा, “आज खुद लोकतंत्र पर सवाल खड़ा किया जा रहा है. आज इंटरनेट के जरिए फर्जी प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है जो लोकतंत्र के लिए विनाशकारी हो सकता है. इंसान-इंसान में फर्क करना बेहद खतरनाक है.”



-आर्थिक समानता पर ओबामा ने कहा, “मध्यम वर्ग के लोग उपेक्षित हैं और टॉप के 1 प्रतिशत लोगों के पास संपंत्ति का बड़ा हिस्सा है. ऐसा लगता है कि यह पूरा गेम फिक्स्ड है.”



-उन्होंने कहा, “हमें इस दिशा में काम करना चाहिए कि टैक्स का पालन बेहतर तरीके से हो और गरीब और अमीर मुल्कों के बीच का अंतर कम हो”



-अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, “एशिया ही नहीं, भारत को वैश्विक स्तर पर भी बड़ी भूमिका निभानी है.”



-ओबामा ने कहा, “मैं जानता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी भारत की एकता पर यकीन रखते हैं. लेकिन इस एकता को बनाए रखने की जिम्मेदारी सबकी है. लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण ऑफिस जनता का ऑफिस होता है. यदि आप किसी राजनेता को गलत काम करते देखते हैं तो नागरिक होने के नाते आपको सवाल पूछना चाहिए.”


-ओबामा ने मोदी और मनमोहन सिंह दोनों को अपना अच्छा दोस्त बताया. उन्होंने कहा, “मोदी के जेहन में देश के लिए एक विजन है. मोदी के साथ ही डॉक्टर मनमोहन सिंह भी मेरे अच्छे दोस्त हैं.”


-पाकिस्तानी आतंकवाद पर बराक ओबामा ने कहा कि अमेरिका भी पाक टेरर का शिकार बना है. उन्होंने कहा कि 26/11 हमलों ने अमेरिका को भी प्रभावित किया था. हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान ने 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को शरण दी थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी ओसामा के बारे में जानकारी नहीं थी.


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