Friday, 1 December 2017

राहुल गांधी हिंदू हो या क्रिश्चियन, धर्म से क्या लेना देना: पारसी पंचायत


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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर में दर्शन के बाद कथित रूप से गैर हिंदू के रूप में एंट्री के बाद उनके धर्म को लेकर बहस छिड़ गई है. इस बीच पारसी पंचायत का कहना है कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए. पारसी पंचायत के मुखिया रिटायर्ड ब्रिगेडियर जहांगीर अंकलेसरिया ने कहा, ‘राहुल गांधी हिंदू हैं या मुस्लिम, क्रिश्चियन हैं या पारसी, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.’जहांगीर अंकलेसरिया का कहना है कि किसी का धर्म क्या है इससे क्या लेना देना. हमे सिर्फ इंसान और इंसानी मूल्यों का आदर-सम्मान करना चाहिए. हमारे लिए ये बात कोई मायने नहीं रखती है.


बता दें कि सोमनाथ मंदिर के गैर हिंदू के रजिस्टर में राहुल गांधी के कथित तौर पर एंट्री करने की बात सामने आई थी. बीजेपी ने इसे लपक लिया था. गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी कई मंदिरों में पूजापाठ कर चुके हैं. ऐसे में सबके मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर राहुल गांधी का धर्म क्या है?


गुजरात में बसे कुछ पारसी लोगों के मुताबिक, इंदिरा गांधी न कभी पारसी समुदाय के बीच गई थी और न ही कभी उन्होंने वहां जाने का आग्रह दिखाया था. राहुल भी करीब-करीब इसी रस्ते पर चले हैं. राहुल के दादाजी फिरोज गांधी इलाहाबाद के रूढ़ीवादी पारसी परिवार से ताल्लुक रखते थे. इस परिवार का “पैलेस थिएटर” आज भी इलाहबाद में मौजूद है.उनके मुताबिक, फिरोज गांधी जब मुंबई में थे, तब इंदिरा नवरोज (जनेऊ) और शादी-ब्याह के मौके पर अक्सर आया करती थीं. इंदिरा को फिरोज गांधी की बीवी के रूप में जरूर हमने स्वीकार किया था, लेकिन पारसी कौम ने उसे कभी पारसी नहीं समझा. बता दें कि पारसी कौम से बाहर शादी करने वाले लोगों को पारसी पंचायत समाज से दूर कर देती है.


इस बीच कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने राहुल गांधी को शिवभक्त बताया है. उन्होंने कहा, ‘देश जानता है कि राहुल गांधी अनन्य शिवभक्त हैं.’ इस प्रकार कांग्रेस नेता ने उन्हें भोले का भक्त बता दिया है, इसके आधार पर धर्म आप खुद तय कर सकते हैं. विरोधाभाषी बात यह है कि अगर वे शिवभक्त हैं तो उनकी मंदिर के रजिस्टर में एंट्री क्यों की गई है.


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