Wednesday, 27 December 2017

पाक में जाधव के परिवार से बदसलूकी पर संसद में आज बयान देंगी सुषमा


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भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ पाकिस्तान में दुर्व्यवहार के मुद्दा पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आज सदन में बयान देंगी. यह मुद्दा बुधवार को भी लोकसभा में भी उठा और सदस्यों ने पड़ोसी देश के इस कृत्य की कड़ी निंदा की.शून्यकाल में शिवसेना के अरविंद सावंत, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खडगे, अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई समेत अनेक सदस्यों ने बुधवार को सदन में यह मुद्दा उठाया. इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि वह गुरुवार को इस विषय पर सदन में वक्तव्य देंगी.


सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अदालत के दबाव में पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव के परिवार को उनसे मिलने की इजाजत तो दी, लेकिन जाधव की मां और पत्नी के साथ जिस तरह की बदसलूकी की, उसकी कड़ी भर्त्सना की जानी चाहिए.


सावंत ने कहा कि उनकी मां और पत्नी की बिंदी, मंगलसूत्र और यहां तक जूते भी उतरवा लिये गये और बातचीत के समय उनके बीच कांच की दीवार लगा दी गई. इसके अलावा उन्हें अपने मातृभाषा मराठी में बात नहीं करने दी गयी.शिवसेना सांसद ने कहा, पाकिस्तान के इस बर्ताव की जितनी भर्त्सना की जाए, कम है. पाकिस्तान का अर्थ विश्वासघाती है. जाधव को जब तक वापस नहीं लाया जाएगा, हमें चुप नहीं रहना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने पाकिस्तान में जाधव परिवार के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि पड़ोसी देश ने घटिया हरकत की है. देश के हर कोने से इसकी निंदा होनी चाहिए. उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस मुद्दे पर सदन में बयान देने की मांग की थी.


सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पाकिस्तान ने जाधव की मां और पत्नी के साथ जो बर्ताव किया है, हम उसका विरोध करते हैं, हम सब उनके साथ हैं. उन्होंने कहा कि जाधव को वापस लाकर देश में मिसाल कायम की जानी चाहिए.


अन्नाद्रमुक के एम थंबिदुरई ने भी निंदा करते हुए सदस्यों के साथ समर्थन जताया. अन्य कई सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर अपना समर्थन जताया.


गौरतलब है कि जाधव की मां और पत्नी ने सोमवार को उनसे पाकिस्तान में मुलाकात की थी. इस दौरान जाधव की मां और पत्नी की चूड़ियां, बिंदी, मंगलसूत्र उतरवा लिया गया था. जिसपर विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि यह स्पष्ट रूप से आपसी समझ की भावना का उल्लंघन है.


Article source: http://www.jagran.com/odisha/bhubaneshwar-16560764.html

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