Monday, 30 April 2018

इतना डराने क्यों लगा है जीवन देने वाला 'पानी'


READ MORE

राजधानी दिल्ली के वजीरपुर इलाके में 17 मार्च को लाल बहादुर नाम के 60 वर्षीय एक बुजुर्ग की टैंकर से पानी भरने को लेकर हुए झगड़े में पड़ोसियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी.इसी साल फरवरी में भरतपुर (राजस्थान), रूपवास थाना क्षेत्र में आने वाले गांव खानसूरजापुर के एक हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर हुए झगड़े में सुनीता नामक महिला की मौत हो गई.


इसी अप्रैल के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश के डबरा स्थित कैरुआ गांव में पानी विवाद को लेकर ब्रजेन्द्र नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई.पानी की किल्लत ऐसी कि जान की कीमत भी कम पड़ रही है.


ये वाकये पानी को लेकर बढ़ती जद्दोजहद में एक-दूसरे की जान तक ले लेने के चंद उदाहरण मात्र हैं. गली-मुहल्लों में पानी को लेकर लाठी-डंडे चलना आम बात होती जा रही है. इससे समझा जा सकता है कि देश में पानी को लेकर हालात किस हद तक गंभीर हो चले हैं. Everything Need To Know Water Crisis In India, india face the problem of shortage of Drinking water, हर किसी को जल संकट के बारे में जानना चाहिए, भारत इस वक्त जल संकट से घिरा हुआ है. Paani ki kahani-water crisis situation in india, पानी की कहानी: इतना डराने क्यों लगा है जीवन देने वाला 'पानी'        पानी की उपलब्धता लगातार कम हो रही है


मेरे गांव में कुछ साल पहले तक 20 मीटर नीचे तक पानी मिल जाता था. लेकिन अब नल मुश्किल से 70-80 मीटर पर पानी देता है. जबकि मेरा गांव दो नदियों के बीच यानी दोआब में पड़ता है. गर्मियों में नल पानी छोड़ने लगता है. पानी का पाताल में जाना बदस्तूर जारी है. यह गहराते जल संकट की एक डरावनी सच्चाई है. कुछ क्षेत्रों में तो पेयजल के लिए चार-पांच किलोमीटर तक लोग पानी ढोने को मजबूर हैं.


हालात ये हैं कि आम आदमी से लेकर सरकारें तक पानी के झगड़े में उलझी हुई हैं. पानी अब चुनावी मुद्दा बन गया है. नेताओं के लिए वोट लेने का औजार बन गया है. एक तरफ पानी के लिए कई राज्यों में हाहाकार मचा हुआ है तो दूसरी ओर सूखे की चपेट वाले बुंदेलखंड में बोतलबंद पानी बेचने वाली 25 रजिस्टर्ड कंपनियां लाखों का कारोबार कर रही हैं.


पानी न सिर्फ आदमी, पशु-पक्षियों और जानवरों सबके जीने की पहली शर्त है, बल्कि आज तेल के बाद वह दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा भी है. धरती से पानी बूंद-बूंद कम होता जा रहा है और हम अपने जलस्रोतों को मिटाते जा रहे हैं.


 Everything Need To Know Water Crisis In India, india face the problem of shortage of Drinking water, हर किसी को जल संकट के बारे में जानना चाहिए, भारत इस वक्त जल संकट से घिरा हुआ है. Paani ki kahani-water crisis situation in india, पानी की कहानी: इतना डराने क्यों लगा है जीवन देने वाला 'पानी'         लातूर जैसा जल संकट कहीं भी हो सकता है


मनुष्य के शरीर में लगभग 60 फीसदी पानी होता है. मतलब पानी तो सबकी जरूरत है. संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2030 तक पीने के साफ पानी की मांग 40 फीसदी तक बढ़ सकती है. इसलिए हम सबको मिलकर पानी के प्रबंधन के लिए सही मैनेजमेंट करना होगा.



मार्च 2016 में महाराष्ट्र के लातूर शहर में पानी को लेकर इतना संघर्ष था कि प्रशासन ने धारा 144 लगा दी थी. सूखे की मार और उसके बाद पानी की किल्लत से जूझ रहे इस शहर में पहली बार ट्रेन से पानी की आपूर्ति करनी पड़ी थी. तब वहां के लोगों को पानी की कीमत का पता चला था. ऐसे हालात आपके क्षेत्र में भी पैदा हो सकते हैं.


जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है पानी पाताल में जा रहा है. दिल्ली से सटा साइबर सिटी गुड़गांव दुनिया भर में विख्यात है. लेकिन, इसी का एक हिस्सा है मेवात, जिस पर न सिर्फ देश के सबसे पिछड़े जिले का कलंक लगा हुआ है बल्कि यहां के लोग भयंकर जल संकट से दो-चार हो रहे हैं. यहां कुछ ऐसे इलाके हैं जहां जो पानी पशु पीते हैं वही पानी इंसान भी पीने को मजबूर हैं.


Everything Need To Know Water Crisis In India, india face the problem of shortage of Drinking water, हर किसी को जल संकट के बारे में जानना चाहिए, भारत इस वक्त जल संकट से घिरा हुआ है. Paani ki kahani-water crisis situation in india, पानी की कहानी: इतना डराने क्यों लगा है जीवन देने वाला 'पानी'         मेवात में पानी के लिए महिलाओं का संघर्ष


हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार आदि जल संकट से जूझ रहे हैं. पानी को लेकर उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक तक लड़ाई जारी है. इस साल जल संकट और बढ़ने की आशंका है. इसीलिए सेंट्रल वॉटर कमीशन ने आने वाले दिनों में पानी की संभावित कमी से बचने के लिए फरवरी में ही राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दी थी.


पानी के संकट से निपटें तब तो उसकी गुणवत्ता पर बात करें, लेकिन इसकी बात इसलिए जरूरी है क्योंकि ज्यादातर बीमारियां खराब पानी की देन हैं. पानी की गुणवत्ता जांचने वाली प्रयोगशालाएं 130 करोड़ लोगों पर सिर्फ 2289 हैं. यानी कोई व्यक्ति आसानी से यह पता नहीं कर सकता कि वो जो पानी पी रहा है वह कैसा है. पता तब चलता है जब वह किसी बीमारी का शिकार हो चुका होता है.


जल संसाधन मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में भूजल संकट साफ पानी की बढ़ती मांग, बारिश में विविधता, बढ़ी हुई आबादी, औद्योगीकरण और शहरीकरण की वजह से है. जबकि पर्यावरणविद् हिमांशु ठक्कर कहते हैं, “हमने अपने आसपास पानी रिचार्ज करने के तंत्र बंद कर दिए और सिर्फ बड़े-बड़े बांधों पर ध्यान लगाया, इससे जल संकट और बढ़ गया. सरकारों ने पानी बचाने के काम में कभी लोगों को नहीं जोड़ा, इससे संकट और बढ़ता गया और बढ़ता रहेगा.”


 water crisis, India's water crisis, Paani ki kahani, World Water Day, Water Scarcity in India, Drinking Water Problems, UN report about water crisis in india,shortage of Drinking water, Murder over water, Fight Over Water in india, Murder over drinking water, Ministry of Water Resources, Drinking water Business in India, जल संकट, भारत का जल संकट, पानी की कहानी, विश्व जल दिवस, भारत में जल की कमी, पेयजल की समस्याएं, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक भारत में जल संकट, पेयजल की कमी, पानी के लिए हत्या, भारत में पानी के लिए लड़ाई, जल संसाधन मंत्रालय, भारत में पीने के पानी का व्यापार        जल संकट से पैदा हुए पानी टैंकर माफिया


बेतरतीब विकास, अंधाधुंध शहरीकरण और लापरवाही से संसाधनों के हो रहे दोहन ने हमें पानी की विकट समस्या के बीच ला खड़ा किया है. हमें तो शायद पानी उपलब्ध हो भी जाए, मगर आने वाली पीढ़ियों के लिए हालात कैसे रहेंगे इसकी कल्पना भी मन में सिहरन पैदा कर देती है.


No comments:

Post a Comment