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पुडुचेरी की उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) किरण बेदी ने एक बार फिर से विवादास्पद आदेश जारी किया है. शनिवार को उन्होंने राशन को लेकर फरमान जारी किया. बेदी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के जिन गांवों में लोग खुले में शौच करेंगे और कूड़ा फेकेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से मुफ्त चावल नहीं दिया जाएगा. बता दें कि पुडुचेरी में जरूरतमंद लोगों को सरकार स्कीम के तहत मुफ्त में राशन देती है.एलजी किरण बेदी के आदेश के मुताबिक, मुफ्त चावल बांटने की स्कीम सशर्त होगी. जिसके तहत गांववालों को स्थानीय विधायक और कम्युनिटी कमिश्नर से इस बात का सर्टिफिकेट हासिल करना होगा कि वो खुले में शौच नहीं करते हैं. खुले में कचरा नहीं डालते हैं. इस बाद की तस्दीक होने के बाद ही संबंधित गांववाले को मुफ्त में राशन मिलेगा. एलजी का ये आदेश जून से लागू होगा.
बयान में कहा गया है, “प्रमाण-पत्रों की भी क्रॉस चेकिंग हो, ताकि उसकी प्रामाणिकता बरकरार रह सके. मुफ्त चावल वितरण योजना का लाभ उठाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों को चार हफ्ते का समय दिया गया है, ताकि वो अपने-अपने इलाकों को शौच से मुक्त और स्वच्छ कर सकें. इस नोटिस की समय-सीमा 31 मई को समाप्त हो जाएगी.”
Linked Free Rice placement to particular subdivision MLAs Commune Commisioners Certifying villages open defecation giveaway and of strewn rubbish and plastic.
Free Rice reaches out to some-more than half d race essentially in farming areas
This is d training of morning turn currently pic.twitter.com/CCIaVAGdDT— Kiran Bedi (@thekiranbedi) April 28, 2018
भले ही एलजी ने स्वच्छता अभियान को ध्यान में रखते हुए ये आदेश दिए हों, लेकिन साफ-सफाई के नाम पर लोगों को उनका राशन रोकने का फरमान जारी करने को लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है.
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