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देबायन रॉयउत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केएण जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज न नियुक्त किए जाने पर कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला.
कांग्रेस नेता वीर सांघवी ने केन्द्र सरकार पर धावा बोलते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने जस्टिस केएम जोसेफ के दो साल पुराने एक फैसले को पचा नहीं पाई है. इसलिए उनके नाम को पुनर्विचार के लिए भेज दिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि ये फैसला सीधे-सीधे उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन को खारिज करने के उनके फैसले की वजह से लिया गया.
केन्द्र सरकार ने दो साल पहले उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील की थी जिसे उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अप्रैल 2016 में ठुकरा दी थी. यह आदेश जस्टिस जोसफ की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने दिया था. मोदी सरकार के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका था.उत्तराखंड में रावत की तरफ से केस लड़ने वाले कांग्रेस नेता और सीनियर लॉयर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जस्टिस जोसेफ के नाम को वापस भेजा है यह न्यायपालिका पर इस तरह का पहला और सबसे घटिया हमला है. उन्होंने कहा कि किसी जज के पुराने फैसले के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में उसकी तरक्की रोकना गलत है.
सरकार ने जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति को लंबित रखने के पीछे की एक वजह केरल से पहले से ही पर्याप्त प्रतिनिधित्व को बताया है. सरकार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही जस्टिस कुरियन जोसेफ हैं, जिन्हें केरल हाई कोर्ट से पदोन्नत किया गया है. सरकार का तर्क है कि ऐसे में केरल हाईकोर्ट से एक और पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की सरंचना के हिसाब से ठीक नहीं होगी.
कांग्रेस ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार उत्तराखंड मामले को लेकर खीज गई थी और सरकार का कोई भी वकील जिन्होंने इस मामले पर जिरह की वो यह नहीं कह सकता कि इसमें पूरी सुनवाई नहीं हुई.
गौरतलब है कि कोलेजियम ने 10 जनवरी को ही जस्टिस जोसेफ और इंदु मल्होत्रा के नाम पर मुहर लगा दी थी लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर तीन महीने बाद अब प्रतिक्रिया दी है. मल्होत्रा के नाम पर मंजूरी दे दी गई, उन्होंने शुक्रवार को बतौर सुप्रीम कोर्ट जज शपथ भी ले ली वहीं जस्टिस जोसेफ के पदोन्नति को रोक दिया गया.
कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि केन्द्र इतने दिनों तक क्यों इसका इंतजार करती रही? क्यों इस पर पहले फैसला नहीं लिया गया, लोगों के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता अब सिर्फ कहने की बात रह गई है.
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह अपने अधिकारों को दोबारा जांचे और इस बात की पुष्टि करे कि सरकार इसका गलत तरीके से प्रयोग न कर पाए.
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Article source: http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/bhind/cops-to-get-leaves-to-celebrate-birthday-and-marriage-anniversary-in-mp-941249.html
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