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उत्तर प्रदेश सरकार बहुत जल्दी OBC कैटेगरी के कोटे में 3 और क्लास जोड़ने पर काम कर रही है. इसके अलावा 17 जातियों को SC कैटेगरी में जोड़ने का भी प्लान तैयार हो चुका है. मुख्यमंत्री के दफ्तर में इसका ख़ाका बनकर तैयार है. उत्तर प्रदेश के पिछड़ा कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर इस बारे में प्रस्ताव रख चुके हैं. इन जातियों को एससी की कैटेगरी में डालने का सीधा फायदा ये होगा कि इनका आरक्षण बढ़ जाएगा. इसे सरकार का ये कदम पिछड़ी जातियों को लुभाने के बड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है.प्लान के मुताबिक, निषाद, बिन्द, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौर जातियों को SC कैटेगरी में शामिल किया जाएगा.
OBC कैटेगरी के 27% आरक्षण में 3 और श्रेणियां जोड़ी जाएंगी. ये 3 श्रेणियां होंगे पिछड़ा, अति पिछड़ा और महा पिछड़ा होगी. इन श्रेणियों में उन पिछड़ी जातियों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने 2017 में BJP को वोट दिया था.
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यूपी सरकार के इस प्लान को तैयार करने के पीछे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का दिमाग है. 11 अप्रैल को योगी आदित्यनाथ और राजभर की एक मीटिंग हुई. इसी मीटिंग में ये प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए थे. दरअसल शाह इस प्लान के ज़रिए अखिलेश यादव और मायावती को कमज़ोर करने की जुगत लड़ा रहे हैं.
OBC की पिछड़ा कैटेगरी में यादव, अहिर जैसी जातियां रखने का प्रस्ताव है. अति पिछड़ी कैटेगरी में कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, जैसी जातियों को रखने का प्रस्ताव है. जबकि महा पिछड़ी जातियों में बढ़ई, सैनी और लोहार जैसी जातियां होंगी.
ऐसा माना जा रहा है कि अमित शाह का ये प्लान सपा और बसपा के गठबंधन का काउंटर है. गोरखपुर के उपचुनाव में बीजेपी की हार की वजह पिछड़ी जातियों का छिटकना ही था और निषाद और यादव समाज का एक साथ वोट माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश की सियासत को बखूबी समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान की राय भी यही है. उनका कहना है जिन 17 जातियों को एससी कैटेगरी में शामिल किया जा रहा है वो अरसे से ये मांग कर रही हैं. इन जातियों का मानना है कि ऐसा करके ही उनकी सामाजिक-आर्थिक तरक्की हो सकती है. जाहिर योगी सरकार के इस कदम से बीजेपी को फायदा तो पहुंचेगा.
चुनावों में इन जातियों का रुझान जीत की दिशा तय कर सकता है. इसके अलावा बीजेपी कई जातियों को OBC कैटेगरी में श्रेणी बनाकर लाभ देने की कोशिश में भी है. अगर बीजेपी का ये कदम कामयाब होता है तो 2019 में माया-अखिलेश का गठजोड़ फीका भी पड़ सकता है.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/lets-football-fc-goa-delhi-dynamos-fc-isl-2-indian-super-league-super-game-414330.html
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