Tuesday, 26 June 2018

गुजरात: राजपूत समुदाय ने दलित के खिलाफ अत्याचार और हिंसा की निंदा की


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राजपूत समुदाय ने गुजरात के बनसकंठा जिले में दलित समुदाय के खिलाफ अत्याचार और हिंसा की निंदा की है. दरअसल पिछले दिनों गुजरात में मूंछ रखने या फिर घुड़सवारी करने को लेकर दलित समुदाय के खिलाफ अत्याचार का मामला सामने आया था.राजपूत समुदाय की बैठक में ओबीसी (अन्य पिछड़े वर्ग) से संबंधित कई क्षत्रिय-राजपूत समुदाय के जातियों ने एक मीटिंग की. इसमें जाति आधारित हिंसा की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया और समाज के सभी वर्गों में एकता की मांग की और जाति-हिंसा के इस तरह की चीजों से दूर रहने को कहा गया.


इस प्रस्ताव की एक कॉपी न्यूज़ 18 के पास मौजूद है. इसमें लिखा गया है कि “पिछले दिनों मीडिया ने पिछड़ी जाति के खिलाफ अत्याचारों की कई खबरें चलाई है. भारत में हर समुदाय की अपनी संस्कृति, अनुष्ठान, भोजन की आदतें होती हैं और उनके पास अपने जीवन जीने का अधिकार होता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि एक व्यक्ति दूसरे से बड़ा है. हम मूंछ रखने या घुड़सवारी के लिए दलितों के खिलाफ हिंसा की हाल की घटनाओं की निंदा करते हैं. ऐसी घटनाओं को दोहराया नहीं जाना चाहिए ”


हाल के महीनों में गुजरात में दलित समुदाय के खिलाफ अत्याचार और हिंसा की काफी खबरें आई हैं. कुछ दलित युवाओं ने नाम के आगे ‘सिंह’ सरनेम लगा लिया था. जिसके बाद इनकी पिटाई कर दी गई. दरअसल ‘सिंह’ सरनेम आमतौर पर ऊंची जाति के लोग ही लगाते हैं.गुजरात में दलितों की आबादी 7 फीसदी है. अक्सर इन्हें ऊंची जातियों से हिंसा का सामना करता है. गुजरात की राजनीति में भी इऩकी कोई खास जगह नहीं है.


((विजय))


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