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हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नैकू ने ऐलान किया है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं पर हमला करना हमारा मकसद नहीं है. अपने ऑडियो टेप में हिजबुल कमांडर ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपनी परंपराएं पूरी करने आते हैं, वह हमारे मेहमान हैं.
जम्मू-कश्मीर में सेना के अभियान ऑपरेशन ऑल आऊट पर टिप्पणी करते हुए कहा अगर सेना का ऑपरेशन ऑल आऊट सफल था तो घाटी में एनएसजी कमांडो लाने का क्या मकसद है.बता दें पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रहे सीजफायर के उल्लंघन और कश्मीर में बढ़ती आतंंकी घटनाओं को देखते हुए अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को पहले से ज्यादा चुस्त करने का फैसला लिया गया है. पिछले साल के मुकाबले इस साल सुरक्षा बलों की संख्या में 17 फीसदी का इजाफा किया गया है. साल 2017 में जहां 204 कंपनियां सुरक्षा में तैनात थीं, वहीं इस साल 238 कंपनियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. एसपी स्तर के अधिकारियों को अर्धसैनिक बलों की कंपनियों की अगुवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इसी के साथ 1364 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है जो लोगों की मदद करेगा. आरएफ आईडी कार्ड वहां के वाहनों पर लगाया जाएगा, जिनसे वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. जमीन के साथ ही आकाश से भी पूरी यात्रा के दौरान नजर रखी जाएगी. अमरनाथ यात्रा के संवेदनशील जगहों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखने की तैयारी की जा रही है. दक्षिण कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा इस साल 60 दिनों की होगी और ये यात्रा 28 जून से शुरू होगी. पिछले साल यह यात्रा 40 दिन की थी.गौरतलब है कि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने निर्णय लिया है कि 60 दिवसीय यात्रा हिंदू कैलेंडर के अनुसार 28 जून से ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ मौके पर शुरू होगी और अब तक की परंपरा के अनुसार श्रावन पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के दिन 26 अगस्त को समाप्त होगी.’ जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और एसएएसबी के अध्यक्ष एनएन वोहरा ने दिल्ली में आयोजित श्राइन बोर्ड की 34वीं बैठक में यह निर्णय लिया था.
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