Monday, 25 June 2018

तमिलनाडु: राज्‍यपाल पर DMK का हमला, स्‍टालिन बोले- ताकत के लिए भूख के खिलाफ प्रदर्शन


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तमिलनाडु के राज्‍यपाल पर विपक्षी दल डीएमके के कार्यकारी अध्‍यक्ष एमके स्टालिन ने तीखा हमला बोला है. उन्‍होंने कहा कि राज्‍यपाल ‘रिव्‍यू’ मीटिंग करने की ताकत रखने की कल्‍पना करते हैं. बता दें कि स्टालिन के नेतृत्व में शनिवार को राजभवन के आगे एक जुलूस निकाला गया. यह जुलूस शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की नमक्कल में गिरफ्तारी के खिलाफ था. इन कार्यकर्ताओं को पुरोहित के शुक्रवार के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने के लिए गिरफ्तार किया गया था.इसके बाद तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के कार्यालय ने चेतावनी दी थी कि जो लोग राज्यपाल को डराकर नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे नियमों के मुताबिक कड़ाई से निपटा जाएगा.


राज्‍यपाल के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि राजभवन ने कहा कि राज्यपाल आने वाले महीनों में जिलों में अपने दौरे जारी रखेंगे और राज्यपाल का कार्यालय भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124 के तहत संरक्षित है. इसमें कहा गया कि डराकर नियंत्रण में करने या हमला या आपराधिक ताकतों का इस्तेमाल करने के प्रयास से कानून के अनुसार निपटा जाएगा.


राज्‍यपाल को जवाब में एमके स्‍टालिन ने पूछा, ‘यदि यह रिव्‍यू नहीं है तो राज्‍यपाल कार्यालय की ओर से जिला कलेक्‍टर, पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन के अन्‍य अधिकारियों से मीटिंग पर जवाब नहीं दिया जाता.’ उन्होंने कहा कि मीडिया इन बैठकों को रिव्‍यू मीटिंग कह रहा है लेकिन राज्‍यपाल की ओर से इनको कोई सफाई नहीं दी गई है. उन्‍होंने आरोप लगाया कि जो काम तमिलनाडु बीजेपी के मुखिया करना चाहिए वह काम राज्‍यपाल कर रहे हैं और इससे वह खुद को सक्रिय राजनीति में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं.स्‍टालिन ने अपने बयान में मुख्‍यमंत्री पर भी हमला बोला कहा कि वह राज्‍यपाल की बैठकों पर सवाल क्‍यों नहीं उठा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि अन्‍नाद्रमुक भले ही केंद्र सरकार और राज भवन के आगे झुक जाए लेकिन डीएमके ऐसा नहीं करेगी. प्रदर्शन का कारण राज्‍यपाल की सत्‍ता की भूख है. यह प्रदर्शन उनको उनकी ताकत की सीमाएं बताने के लिए है. बता दें कि राज्‍यपाल की नियुक्ति के बाद से ही डीएमके की उनसे तनातनी चल रही है.


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