Saturday, 2 December 2017

चक्रवात में 500 मछुआरे बचाए गए, दक्षिण पूर्व अरब सागर पर बना हुआ है 'ओखी'


READ MORE

चक्रवात ओखी के कारण केरल और लक्षद्वीप के तट पर फंसे 500 से अधिक मछुआरों को सुरक्षित निकाला गया है. वहीं चक्रवाती तूफान दक्षिण पूर्व अरब सागर के ऊपर बना हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि दो और शव बरामद होने से केरल में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ कर नौ हो गई है.केरल सरकार ने केंद्र सरकार से ओखी चक्रवात को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया. इस चक्रवात ने पिछले दो दिन में केरल, तमिलनाडु के कन्याकुमारी और लक्षद्वीप में तबाही मचाई है.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में चक्रवात ओखी से हुए नुकसान को लेकर बीती रात वहां के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से बात की. इस बातचीत के बाद तमिलनाडु सरकार ने कहा कि वह राज्य के दक्षिणी हिस्सों में चक्रवात ओखी से हुए नुकसान के लिए केंद्र से जल्द ही निधि की मांग करेगी. कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने टेलीफोन पर बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मांग से अवगत करा दिया.
वहीं तटरक्षकों ने तमिलनाडु के 198 मछुआरों और 18 नौकाओं को बचाया है. केरल और कन्याकुमारी जिले में तबाही मचाने वाले तू्फान के कारण समुद्र में लापता होने वाले मछुआरों की तलाश के काम में तटरक्षक लगे हुए हैं.


इस बीच कोच्ची से मिली खबर के अनुसार, लोकसभा सांसद पीपी मोहम्मद फैजल ने आरोप लगाया कि भारतीय नौसेना और तटरक्षक इस आपदा से तत्काल प्रभाव से निबटने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को इस संबंध में लिखेंगे.


ये भी पढ़ें- ओखी चक्रवात से अब तक 16 की मौत, नेवी-कोस्ट गार्ड का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी



उधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ के चलते समुद्र की तेज लहरों में फंसे, केरल के पास के मछुआरे राज्य के सिंधुदुर्ग तट पहुंच गए हैं और सुरक्षित हैं. फडणवीस ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘कुल 68 नौकाएं पहुंची हैं. जिसमें से 66 केरल से और दो तमिलनाडु से हैं. जिन पर 952 मछुआरे हैं. सभी सुरक्षित हैं.’ ट्वीट में उन्होंने आगे कहा, ‘उनके वापस जाने के लिए मौसम जब तक अनुकूल नहीं हो जाता, महाराष्ट्र उनकी पूरी तरह से देखभाल करेगा.’




मुख्यमंत्री ने अपने अगले ट्वीट में कहा, ‘मैंने महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और सिंधुदुर्ग जिले के कलेक्टर को फंसे हुए मछुआरों के लिए सभी व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘स्थानीय अधिकारी उनके साथ हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी इंतजाम कर रहे हैं कि उन्हें ऐसा महसूस हो कि वे अपने घर पर हैं.’




इस पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सहायता के लिए फडणवीस को धन्यवाद दिया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मछुआरों के देवगढ़ माइनोर पोर्ट, महाराष्ट्र पहुंचने के मामले में मदद मुहैया कराने की जरूरत समझने के लिए धन्यवाद.’



उन्होंने कहा, ‘ये मछुआरे केरल के कालीकट के पास के हैं और ये चक्रवाती तूफान ओखी में फंस गए थे. मुख्यमंत्री के प्रति आभार कि वे तत्काल मदद मुहैया कराने को तैयार हो गए.’


वहीं मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान चक्रवात के लक्षद्वीप द्वीपसमूह में पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है, इसके बाद 48 घंटे के दौरान वह उत्तर पूर्व की ओर मुड़ेगा.


बता दें, ओखी चक्रवात के चलते केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है. यहां अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. आम जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है. (भाषा इनपुट के साथ)


Article source: http://www.jagran.com/uttar-pradesh/allahabad-city-15687064.html

No comments:

Post a Comment