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नवाज शरीफ की बेटी ने दावा किया है कि उनके पिता को प्रधानमंत्री के पद से इसलिये हटाया गया क्योंकि उन्होंने पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था.उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने 67 वर्षीय शरीफ को 28 जुलाई को पनामा पेपर्स मामले में प्रधानमंत्री पद के लिये अयोग्य ठहरा दिया था. शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने अपने पिता को पद से हटाने के कारणों को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की सोशल मीडिया टीम से कहा, ‘‘जब उन्होंने (शरीफ ने) संविधान का उल्लंघन करने के लिए. मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करवाया तो उनके खिलाफ इस्लामाबाद में (2014 में) धरना शुरू हो गया और आखिरकार उन्हें इकमा (यूएई में काम के लिये परमिट) रखने के लिये अयोग्य ठहराया गया.’’ उन्होंने कहा कि उनके पिता के साथ ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि वह नहीं झुके और किसी से निर्देश नहीं लिया.
मेरे पिता ने कठिन रास्ता चुना, जिसकी कीमत वह चुका रहे हैं
मरियम ने कहा, ‘‘उनके लिये आसान रास्ता चुनना (व्यवस्था के साथ सौदा करना) सरल था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. नवाज शरीफ ने हमेशा सही रास्ता चुना है, जो कठिन होता है. आप जब इस तरह के रास्ते पर होते हैं तो आपको कीमत चुकानी होती है.’’ उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमले को ‘‘उन लोगों पर हमला बताया, जिन्होंने उनके पक्ष में मतदान किया था.’’ संवाद के दौरान शरीफ भी मौजूद थे. उन्होंने संविधान का उल्लंघन करने और राजद्रोह करने के लिये मुशर्रफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.कोई अदालत मुशर्रफ को अपराधों के जवाबदेह ठहराएगी
शरीफ ने कहा कि क्या कोई भी अदालत मुशर्रफ को जवाबदेह ठहराएगी. उन्होंने कहा, ‘‘क्या हम देखेंगे कि पाकिस्तान की कोई अदालत मुशर्रफ को उनके अपराधों के लिये जवाबदेह ठहराएगी.’’ मुशर्रफ पाकिस्तान में नवंबर 2007 में आपातकाल लगाने, न्यायाधीशों को गिरफ्तार करवाने और उनकी शक्तियां सीमित करने को लेकर राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हैं. अगर वह दोषी ठहराए जाते हैं तो उन्हें मौत की सजा सुनाई जा सकती है.
Article source: http://hindi.news18.com/videos/nation-india-china-ladakh-pangong-lake-clash-1079302.html
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