Saturday, 2 December 2017

इंफोसिस की तीन महीने की तलाश पूरी, सलिल पारेख होंगे नए CEO


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तीन महीने की खोज के बाद आखिरकार आईटी कंपनी इंफोसिस को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी  (सीईओ) मिल गया. देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने सलिल एस. पारेख को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है.’नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन समिति की अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ कहा, “वे कई योग्य उम्मीदवारों के एक समूह में शीर्ष विकल्प थे. उनके मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड और व्यापक अनुभव के साथ हमारा मानना है कि हमारे पास इंफोसिस का नेतृत्व करने का सही व्यक्ति मौजूद है.’


Indian Institute of Science, Infosys


30 साल का है अनुभवकंपनी के निदेशक मंडल के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा कि पारेख के पास आईटी सेवा क्षेत्र में लगभग तीन दशक काम करने का अनुभव है. कई कारोबारों को बनाने और कई अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक प्रबंध करने का उनका शानदार रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा कि निदेशक मंडल का मानना है कि ऐसे परिवर्तनकारी समय में इंफोसिस का नेतृत्व करने के लिए पारेख एकदम उचित व्यक्ति हैं.


Nandan Nilekani, Returns To Infosys, Appointed Chairman, Nandan Nilekani, Infosys Chairman


2 जनवरी को ज्वाइन करेंगे कंपनी


इंफोसिस ने एक बयान में कहा कि पारेख दो जनवरी 2018 को अपना पदभार ग्रहण करेंगे. विशाल सिक्का के इस्तीफा देने के बाद से कंपनी नए सीईओ की तलाश में थी.पारेख ने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में परास्नातक किया है. उनकी स्नातक की पढ़ाई आईआईटी, मुंबई से हुई है. स्नातक में उनका विषय एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग था. अभी यू. बी. प्रवीण राव कंपनी के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक हैं. दो जनवरी को पारेख के पदभार ग्रहण करने के बाद वह कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी बने रहेंगे.




नारायण मूर्ति ने दी शुभकामनाएं


इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने पारेख को कंपनी का नया सीईओ एवं एमडी नियुक्त करने पर खुशी जताई है. नारायण मूर्ति ने अपने बयान में कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि इंफोसिस ने सलिल पारेख को सीईओ के रूप में नियुक्त किया है. मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है.



विशाल सिक्का ने दिया था इस्तीफा


यह दूसरी बार है जब इंफोसिस ने किसी बाहरी व्यक्ति को इस शीर्ष स्थान के लिए चुना है. इससे पहले सिक्का को 2014 में एसएपी से लाया गया था. वह 10 अरब डॉलर से अधिक की कंपनी के पहले गैर-संस्थापक सीईओ थे. अगस्त महीने में, विशाल सिक्का ने मूर्ति के नेतृत्व वाले इंफोसिस के संस्थापकों के साथ विवाद के बाद कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था.


विशाल सिक्‍का, vishal sikka


24 से अधिक थे उम्मीदवार


53 वर्षीय पारेख का चयन तीन महीने की खोज के बाद दो दर्जन से अधिक उम्मीदवारों में से किया गया है. पारेख साल 2000 में कैपजेमिनी से जुड़े थे. पारेख को जानने वाले उन्हें विलय और अधिग्रहण में माहिर होने के साथ कारोबार को तरक्की की ओर ले जाने वाले प्रबंधक के रूप में मानते हैं.


पारेख इससे पहले फ्रांस की बड़ी आईटी कंपनी कैपजमेमिनी में ग्रुप एग्‍जीक्‍यूटिव बोर्ड के मेंबर थे. पारेख इस कंपनी से 25 साल से जुड़े हुए थे. पारेख उत्तरी अमेरिका एग्जेक्यूटिव काउंसिल के अध्यक्ष थे. पारेख ने साल 2000 में अर्गेस्ट एंड यंग के कंसल्टिंग डिवीजन के अधिग्रहण के परिणामस्वरूप कैपजेमिनी कंपनी में शामिल हो गए थे और कंपनी में विभिन्न नेतृत्व पदों पर काबिज रहे.


इन्‍फोसिस के अभी तक के CEOs की सूची :
1. नारायण मूर्ति – 1981 से मार्च 2002 तक
2. नंदन नीलेकणी – मार्च 2002 से अप्रैल 2007 तक
3. एस गोपालकृष्‍णन – अप्रैल 2007 से अगस्‍त 2011 तक
4 एसडी सि‍बूलाल – अगस्‍त 2011 से जुलाई 2014 तक
5. विशाल सिक्‍का – अगस्‍त 2014 से अगस्‍त 2017 तक
6. यूबी प्रवीण राव – अगस्‍त 2017 से अब तक…


 


Article source: http://www.jagran.com/uttar-pradesh/allahabad-city-15687064.html

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