READ MORE
केंद्र ने इलेक्शन कमीशन को सुप्रीम कोर्ट की तरह नियम बनाने की शक्ति देने की मांग करने वाली याचिका का शीर्ष अदालत में विरोध किया है. याचिका में कमीशन को इलेक्शन से जुड़े हुए नियम और आचार संहिता बनाने की शक्ति देने की मांग की गई है.सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में मिनिस्ट्री ऑफ़ लॉ एंड जस्टिस ने कहा है कि मौजूदा व्यवस्था में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है और आवश्यक विधायी कार्य को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है.
मिनिस्ट्री ने याचिका को खारिज करने की मांग की है. याचिका में आयोग को स्वतंत्र सचिवालय देने और इसके खर्च को लोकसभा-राज्यसभा सचिवालय की तर्ज पर भारत की कंसोलिडेटेड फंड पर तय करने की मांग की गई है.
दो अन्य इलेक्शन कमिश्नरों को चीफ इलेक्शन कमीशन की तरह ही और समान आधार पर हटाए जाने के लिये केंद्र को निर्देश देने के अनुरोध पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र किया और कहा कि इलेक्शन कमिश्नरों की स्वतंत्रता सुनिश्चित है और इसमें किसी बदलाव की जरूरत नहीं है.मिनिस्ट्री ने कहा कि इलेक्शन कमीशन को नियम बनाने की शक्ति देने का निवेदन साफ़ नहीं है. और उसने साफ कर दिया कि लॉ कमीशन ने इस तरह की कोई सिफारिश नहीं की है.
मिनिस्ट्री ने कहा कि भाजपा नेता और एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय की तरफ से दायर याचिका में किया गया निवेदन नीतिगत मामला है और विधायिका के विशेष क्षेत्र में है.
Article source: http://www.bhaskar.com/article/MH-MUM-OMC-mp-supriya-sule-news-hindi-5361461-PHO.html
No comments:
Post a Comment