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इमरजेंसी को लेकर प्रधानमंत्री के हमले और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर से किए जाने के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया. कांग्रेस ने कहा कि नरेंद्र मोदी ‘आज के औरंगजेब’ हैं और उनके शासन में ‘अघोषित इमरजेंसी’ है.पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी का वही ‘हश्र होगा जो दूसरे तानाशाहों का हुआ है.’ सुरजेवाला ने कहा, ‘दिल्ली सल्तनत के औरंगजेब से भी क्रूर तानाशाह बादशाह नरेंद्र मोदी ने देश को 43 साल पुराने 21 महीने के इमरजेंसी और प्रजातंत्र का पाठ पढ़ाया. औरंगजेब ने तो केवल पिता को बंधक बनाया था, पर 49 महीने के अघोषित इमरजेंसी में आज के औरंगजेब मोदी जी ने तो खुद की पार्टी सहित पूरे प्रजातंत्र को बंधक बना दिया.’
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के शासन में ‘49 महीने से देश में अघोषित इमरजेंसी’ है.
प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 43 साल पहले इमरजेंसी लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि एक परिवार के स्वार्थी निजी हितों के चलते भारत को जेल में तब्दील कर दिया गया था. जेटली ने सोमवार को जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर और इंदिरा गांधी के बीच तुलना करते हुए कहा था कि दोनों ने लोकतंत्र को तानाशाही में तब्दील कर दिया.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने इंदिरा गांधी की तुलना हिटलर से किए जाने को ‘हास्यास्पद और अपमानजनक’ करार देते हुए आरोप लगाया कि ‘जेटली आरएसएस और भाजपा की विचारधारा से आते हैं जो हिटलर का महिमामंडन और फासीवाद का स्तुतिगान करती है.’
सुरजेवाला ने कहा, ‘जनसंघ और जनता पार्टी की विचारधारा राजा महाराजा, जमींदारों और मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाने की थी और आज की मोदी सरकार की विचारधारा भी वही है.’ उन्होंने सवाल किया, ‘ क्या आपातकाल की दुहाई देकर अच्छे दिन आ जाएंगे? विरोधियों की आलोचना करने से दलितों पर अत्याचार बंद हो जाएंगे? क्या कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार से महिलाओं के खिलाफ अपराध बंद हो जाएंगे?’
उन्होंने आगे पूछा, ‘क्या 49 महीनों के औरंगजेब के शासन में सवाल पूछने पर देशद्रोही नहीं करार दिया जाता है? क्या दलितों की हत्या नहीं की जा रही है? क्या महिलाओं पर अत्याचार नहीं हो रहा है? क्या धर्म, जाति, खानपान और वेशभूषा के आधार पर लोगों को पीट पीटकर मार नहीं दिया जा रहा? ‘
सुरजेवाला ने कहा, ‘सच्चाई यह है कि मोदी जी अपनी नाकामियां छिपाने के लिए इतिहास से प्रतिशोध ले रहे हैं. अब वह खुद इतिहास बनने वाले हैं.’ उन्होंने कहा कि मोदी को आपातकाल की दुहाई देने के आधार पर वोट नहीं मिला था, बल्कि अच्छे दिन के वादे के आधार पर मिला था. इसलिए भटकाइये मत, अपने काम का हिसाब दीजिये.
सुरजेवाला ने दावा किया, ‘मोदी जी के शासन में भय का माहौल तो है ही, पत्रकारों को बकायदा जिन व्यक्तियों को प्रधानमंत्री मोदी फॉलो करते हैं, वो बलात्कार और हत्या की धमकियां देते हैं और अब तो देश की विदेश मंत्री को भी मोदी जी के प्रशंसकों और चाहने वालों से धमकियां मिल रही हैं.’
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/Khabar-Cricket/~3/AQosDoSZS2c/story01.htm
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