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थॉमसन रॉयटर्स फांउडेशन के महिलाओं के प्रति यौन हिंसा और सेक्स धंधों में धकेले जाने के हालिया रिलीज सर्वे को राष्ट्रीय महिला आयोग ने खारिज किया है. महिला आयोग ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि भारत जैसे 1.3 अरब की जनसंख्या वाले देश के बारे में किया गया रॉयटर्स फांउडेशन के सर्वे को सही नहीं ठहराया जा सकता, यह सर्वे पूरे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करता.महिला आयोग की चेयरमैन रेखा शर्मा ने कहा, भारत में अपने विधिक अधिकारों के प्रति महिलाएं जागरूक हैं और उनकी कानून तक पहुंच है. इस सर्वे में भारत से अच्छी रैंकिंग उन देशों को दी गई है जहां महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर बोलने तक नहीं दिया जाता. भारत में महिलाओं को उनके अधिकारों के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग और मीडिया जैसे संस्थान हैं. इस मामले में सरकार का भी यही कहना है कि थॉमसन रॉयटर्स फांउडेशन की रिपोर्ट गलत है.
बता दें थॉमसन रॉयटर्स फांउडेशन के एक सर्वे के मुताबिक महिलाओं के प्रति यौन हिंसा और सेक्स धंधों में धकेले जाने के आधार पर भारत को महिलाओं के लिए खतरनाक बताया गया है. सर्वे में भारत को महिलाओं के लिए युद्धग्रस्त सीरिया और अफगानिस्तान से भी ज्यादा खतरनाक बताया गया है.
550 विशेषज्ञों के द्वारा किए गए इस सर्वे में महिलाओं के प्रति यौन हिंसा के खतरों के लिहाज से एक मात्र पश्चिमी देश संयुक्त राष्ट्र अमेरिका है.सर्वे के मुताबिक, भारत मानव तस्करी और महिलाओं को सेक्स धंधों में धकेलने के लिहाज से अव्वल है.
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