READ MORE
विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह 38 भारतीयों के शवों को लेकर अमृतसर पहुंच चुके हैं. उन्होंने कुछ देर पहले एक प्रेस कॉ़न्फ्रेंस में पूरी तफ्शील से बताया कि किस तरह से वो इन शवों को लेकर भारत आए. उन्होंने बताया कि इतने दिनों बाद मिले शवों की पहचान में खासी मुश्किल हुई. बता दें कि इराक के मोसुल में आईएस ने 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी, लेकिन एक का डीएनए पूरी तरह से मैच नहीं करने के चलते वहां से क्लीयरेंस नहीं मिली थी.अमृतसर के सांसद नवजोत सिंह सिद्दू के साथ मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा शव के शिनाख्त के लिए वो चार बार इराक गए थे. भारतीयों को कब हत्या की इसका कोई समय नहीं पता चला. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये सभी भारतीय गैरकानूनी तरीके से इराक गए थे जिसके विदेश मंत्रालय के पास इनकी कोई जानकारी नहीं थी.
शवों के अवशेष लेकर भारत लौटे वीके सिंह ने इराक सरकार का शुक्रिया अदा किया है. सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी सरकार का रुख भी जाहिर किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ है और रहेगी. बता दें कि इराक में मारे गए 39 भारतीयों में से 27 पंजाब से थे. पंजाब सरकार ने घोषणा की है कि मोसुल में मारे गए भारतीयों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलेगी.
<!–//player.h-cdn.com/loader.js?customer=ibnlive18news
//hap.h-cdn.com/hola_jwplayer_hls.min.js?customer=network18–>
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/oUEESAbDPJ8/story01.htm
No comments:
Post a Comment