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पंजाब नेशनल बैंक के फ्रॉड के बाद अब प्रॉविडेंट फंड में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. दिल्ली में फर्जी तरीके से ऑन लाइन क्लेम सेटलमेंट फॉर्म के जरिए निकाले गए कई करोड़ रुपयों को लेकर शिकायत दर्ज की गई है. साउथ दिल्ली के प्रॉविडेंट फंड ऑफिस को शुरुआती जांच में फर्जी तरीके से 9 करोड़ की रकम निकालने की जानकारी मिली है.ये पैसे अलग-अलग बैंक अकाउंट खोलकर 20 अलग-अलग ईपीएफ खाते से ट्रांसफर किए गए. देश के कई और शहरों से भी इसी तरह रकम निकाले जाने की खबरें आई हैं. इस तरह से फर्जीवाड़े का आकंड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.
सूत्रों ने बताया, आरोपी कर्मचारी ने पैसे निकालकर इससे जुड़ी सारी जानकारी डिलीट कर दी. फिलहाल उसके कनाडा भाग जाने की सूचना आ रही है.आमतौर पर सॉफ्टवेयर अपडेटशन के लिए इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों को हायर किया जाता है. लेकिन, ईपीएफओ ने एक ऐसे ऑर्गनाइजेशन को कॉन्ट्रैक्ट दे दिया, जो डेली सैलरी पर कर्मचारी रखकर काम करवाती है. यहां सॉफ्टवेयर की सिक्योरिटी भी ऑडिट नहीं की जाती.
मामले में अब तक सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया गया है. सीवीसी के सर्कुलर के मुताबिक, 3 करोड़ से ऊपर के फ्रॉड में सीबीआई जांच होनी चाहिए. लेकिन, ईपीएफओ ने अब तक ये मामला सीबीआई को रेफर नहीं किया है. (नीतीश कुमार)
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