Monday, 2 April 2018

सीलिंग विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, अतिक्रमण रोकने में क्यों असफल रही सरकार?


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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को अवैध अतिक्रमण न हटा पाने में नाकाम रहने पर फटाकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को सुझाव दिया है कि वह सीलिंग के खिलाफ प्रोटेस्ट को बढ़ावा न दे. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि आप सरकार दिल्ली के लोगों की जिंदगी के साथ खेलना चाहती है.



सीलिंग विवाद को लेकर आमने-सामने भाजपा और आप
दिल्ली में जारी सीलिंग के मुद्दे पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और बीजपी में जमकर राजनीति हो रही है. दोनों ही पार्टियों एक दूसरे को सीलिंग का जिम्मेदार बता रहे हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीलिंग के मुद्दे पर उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधा. दिल्ली सरकार ने सीलिंग मुद्दे पर निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया था.
धरना देने वाले थे केजरीवाल
दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सीलींग की कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठने वाले थे. उन्होंने सीलिंग की वजह से व्यापारियों में फैले रोष को देखते हुए यह निर्णय लिया था. सीलिंग से आम जनता भी परेशान हो रही है. अवैध सीलिंग के खिलाफ कार्रवाई आवासीय कॉलोनियों में भी हो रही है जिसकी वजह से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है.
निकल चुकी है सीलिंग की शव यात्रा
सीलिंग से प्रभावित दिल्ली के व्यापारियों ने सीलिंग की शव यात्रा भी निकाली थी. जनता में यह स्पष्ट संकेत नहीं मिला कि सीलिंग केंद्र सरकार की पहल है या दिल्ली सरकार की. नाराज व्यापरियों ने सीलिंग के खिलाफ शव यात्रा निकाली थी.


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है सीलिंग
दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है. जानकारों की मानें तो तीनों ही एमसीडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था. एमसीडी का कहना था कि दिल्ली में अतिक्रमण का जाल फैलता ही जा रहा है. अगर जल्द ही कुछ नहीं किया गया था हालात और भी ज्यादा खराब हो जाएंगे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई. ये कमेटी ही अपनी देखरेख में सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दे रही है.


दुकान और अपार्टमेंट पर इसलिए होती है सीलिंग की कार्रवाई
एमसीडी से रिटायर हो चुके एक्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय ओझा बताते हैं कि ‘जब आप किसी भी प्रॉपर्टी को रेसिडेंशियल से कमर्शियल में बदलते हैं तो एक तय फीस सरकार को देनी होती है. अगर आपने ऐसा नहीं किया है तो आप सीलिंग के दायरे में आएंगे. आपने सरकारी जमीन घेरकर निर्माण कर लिया है, अपार्टमेंट का निर्माण करते वक्त नियमों का पालन नहीं किया है, तय मंजिल से ज्यादा मंजिल की बिल्डिंग बना ली है, सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है तो इस कारण से भी आप पर सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है.’

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