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नेशनल ह्युमन राइट्स कमीशन(एनएचआरसी) ने सीबीएसई के चेयरमैन, सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दसवीं और बारहवीं के पेपर लीक मामले में नोटिस भेजा है. एनएचआरसी का कहना है कि छात्रों को सिस्टम की खामियों की वजह से परेशान और शर्मिंदा होना पड़ता है. यह उनके शिक्षा और सम्मान के अधिकारों का उल्लंघन है. सीबीएसई, एचआरडी मंत्रालय, दिल्ली पुलिस कमिश्नर पेपर लीक के मुद्दे पर 4 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करें कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई.
सीबीएसई के अधिकारी पर गिरी गाज
मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय ने पेपर लीक मामले में सीबीएसई के अधिकारी को निलंबित कर दिया. मंत्रालय ने रविवार को कहा कि परीक्षा केंद्र की निगरानी में लापरवाही के चलते अधिकारी को निलंबित किया गया है. इसके साथ ही HRD ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है.कई संदिग्ध हो चुके हैं गिरफ्तार
इससे पहले, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तीन व्यक्तियों को सीबीएसई की कक्षा बारहवीं के अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र के लीक में उनकी भूमिकाओं को लेकर गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में दिल्ली के मुंगेशपुर स्थित मदर खजानी कॉन्वेंट स्कूल के दो शिक्षक और एक कोचिंग संस्था का प्रमुख शामिल है.स्कूली शिक्षा सचिव अनिल स्वरुप ने ट्वीट किया,‘‘ कक्षा बारहवीं के अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र के लीक के लिए साठगांठ करने को लेकर दिल्ली के मुंगेशपुर के मदर खजानी कन्वेंट स्कूल के दो शिक्षकों एवं एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के प्रमुख तौकीर की गिरफ्तारी हुई. सीबीएसई द्वारा की गयी जांच में सीबीएसई कर्मी केएस राणा की लापरवाही पाई गई.’’ उन्होंने आगे लिखा, ‘‘ मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर के त्वरित कार्रवाई निर्देश पर बोर्ड ने केएस राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.’’
कैेेसे लीक हुए प्रश्नपत्र
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान बवाना के एक निजी विद्यालय के शिक्षक ऋषभ (29) और रोहित (26) तथा वहां के निजी कोचिंग सेंटर के ट्यूटर तौकीर (26) के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि ऋषभ और रोहित ने तय समय से 40 मिनट पहले प्रश्नपत्र खोल दिए थे और उनकी फोटो लेकर तौकीर को वॉट्सऐप कर दिए थे. इसके बाद तौकीर ने पेपर से 30 मिनट पहले छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाया.
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