Monday, 2 April 2018

IB मिनिस्ट्री: फेक न्यूज चलाने पर रद्द होगी पत्रकारों की मान्यता


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सरकार ने पत्रकारों की मान्यता से संबंधित नए बदलाव किए हैं. फर्जी खबर चलाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने के प्रावधान इसमें किए गए हैं. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी की है कि फेक न्यूज लिखने वाले पत्रकारों की मान्यता हमेशा के लिए खत्म कर दी जाएगी.
क्या होंगे नए प्रावधान?
पहली बार फेक न्यूज साबित होने पर 6 महीने के लिए पत्रकार की मान्यता निलंबित की जाएगी, दूसरी बार साल भर के लिए और तीसरी बार ऐसी शिकायत मिलने पर हमेशा के लिए मान्यता रद्द की जा सकती है.
कैसी होगी जांच?फेक न्यूज की जांच प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्यूज  ब्रॉडकास्टर्स असोसिएशन द्वारा की जाएगी. प्रिंट मीडिया से संबंधित मामलों की जांच पीसीआई और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जांच एनबीए करेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से फेक न्यूज का नियमन किया जा सकेगा.


क्या है फेक न्यूज के नुकसान?
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ जुड़े तीन शोधकर्ताओं ने “फेक न्यूज़ कैसे फैलती है” की जांच की. इस जांच में मीडिया लैब के सोरौश वासॉजी और देब रॉय, और स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के सीनन अर्ल शामिल हुए. उन्होंने आमतौर पर यही देखा कि सोशल मीडिया में फेक न्यूज़ किस तरह फैलती है. 2013 में बोस्टन मैराथन के दौरान बम हादसे में तीन लोग मारे गए थे. उस समय इन शोधकर्ताओं को लगा कि फेक खबरें असली ख़बरों की तुलना में जल्दी फैलती हैं. पूरी रिसर्च में जो बातें सामने आई हैं वो यहां हैं. –
रिसर्च में क्या निकल कर आया?
झूठी खबर सोशल मीडिया पर असली की तुलना में तेज़, व्यापक और अधिक तीव्रता से बढती है. इसके अलावा मजेदार बात ये है कि झूठी खबरों का प्रवाह नकली प्रोफाइल से नहीं बढ़ाया जाता. वास्तव में, लोग झूठी खबरों को ही सच्ची समझकर अधिक शेयर करते हैं. अध्ययन से पता चला कि ट्विटर पर वास्तविक समाचार की तुलना में झूठी खबरें 70 फीसदी अधिक शेयर होने की आशंका है.
क्या झूठी खबर और फेक खबर एक ही बात है ?
फेक न्यूज का क्या है असली मतलब?


‘फेक न्यूज़’ शब्द को छोड़कर शोध के लेखकों ने ‘सच्ची या झूठी खबर का उपयोग ठीक समझा है. हालांकि, “फेक न्यूज़” जानबूझ कर फैलाई गई गलत या झूठी खबर के लिए इस्तेमाल होता है. हमें नहीं मालूम कि कौन किस खबर को किसलिए फैला रहा है इसलिए उसे फेक न्यूज़ के बजाए शोध में सच्ची या झूठी खबर कहा गया.


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क्यों बहुत तेजी से फैलती हैं फेक न्यूज यानि फर्जी खबरें!


Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/u6WpT0re-ps/story01.htm

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