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सीबीआई आज प्रमुख भारतीय बैंको के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है. पूछताछ किए जा रहे अधिकारियों में जीएम और डीजीएम रैंक के अधिकारी शामिल हैं. सीबीआई अधिकारियों से पूछाताछ कर रही है कि किस तरह अलग-अलग बैंकों से एलओयू जारी किए गए थे और बैंकों की कितने शाखाएं इसमें शामिल थीं. इम मामले में अब तक इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों को बुलाया गया है.
#PNBScam case: CBI has started questioning of senior officers of other Indian banks whose overseas branches were involved in issuing buyer credit for LoUs issued through PNB. #NiravModi
— ANI (@ANI) April 2, 2018
बदलें हैं लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के नियम
पीएनबी घोटाले के बाद आरबीआई ने बड़ा एक्शन लेते हुए बैंकों की ओर से जारी किए जाने वाले लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू पर रोक लगा दी है. एलओयू का इस्तेमाल देश के आयातक-निर्यातक करते हैं. आरबीआई ने एक बयान में कहा है कि एलओयू पर पाबंदी लगाने का फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है. इसका असर भारतीय रुपये पर भी देखने को मिला. इसके कारण एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 0.25 फीसदी तक कमजोर हो गया है. इसके अलावा ज्वैलरी सेक्टर और आयात पर निर्भर रहने वाली कई कंपनियों को भारी नुकसान होने की आशंका है. इससे इन सेक्टर्स की ग्रोथ पर ब्रेक लग सकता है, जिससे न सिर्फ नई नौकरियों के मौके बनने मुश्किल हो जाएंगे, बल्कि पुरानी जॉब पर भी ग्रहण लग सकते हैं.
एक्सपोर्ट इंडस्ट्री की बढ़ी है परेशानी
एलओयू पर बैन का सबसे अधिक असर एक्सपोर्ट इंडस्ट्री पर पड़ने वाला है. एक्सपोर्टर्स के अनुसार, आरबीआई के इस फैसले से उनकी परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी. उनके अनुसार, जीएसटी में रिफंड की समस्या से वेे पहले से जूझ रहे हैं, अब नए आदेश से फंडिंग की नई समस्या खड़ी हो जाएगी. इसका सीधा असर 70 फीसदी एक्सपोर्टर्स पर पड़ने की आशंका है.
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