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यौन उत्पीड़न आरोप में जोधपुर कोर्ट से उम्रकैद की सजा पा चुके आसाराम ने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी तेज कर दी है. आसाराम के वकील आज हाईकोर्ट में जोधपुर कोर्ट के फैसले को चुनौती दे सकते हैं. बुधवार को सजा का ऐलान होने के बाद ही आसाराम के वकीलों ने साफ किया था कि वह जल्द ही हाईकोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे. वकीलों ने कहा था कि हमें पूरी उम्मीद है कि हाईकोर्ट से आसाराम को राहत मिलेगी.गौरतलब है कि राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को अस्थाई कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से रेप के मामले में आसाराम को दोषी करार देते हुए ताजिंदगी कैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने उनके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी दोषी ठहराया है, जबकि दो आरोपी बरी हो गए.
यह मामला 2013 का है, जहां पीड़िता के साथ आसाराम ने अपने ही आश्रम ने बलात्कार किया था. आसाराम पिछले 56 महीने यानि करीब 5 साल से न्यायिक हिरासत में थे और दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न की विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिए जाने के बाद ताउम्र जेल में बिताएंगे.
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा की ओर से जेल में लगी अस्थाई अदालत में आसाराम को उम्रकैद की सजा का आदेश दिया. इस दंडादेश के अनुसार आसाराम उर्फ आसूमल पुत्र थेवरदास उर्फ थेउमल को धारा 370(4), 342, 506, 376(2)(एफ) सपठित धारा 120-बी भारतीय दंड संहिता एवं धारा 23 किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2000 के दंडनीय अपराध के लिए दंडित किया जाता है.
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