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नेशनल ह्युमन राइट्स कमीशन ने पश्चिम बंगाल सरकार को आसनसोल में रामनवमी के दौरान हुए दंगो की जांच के लिए नोटिस भेजा है. एनएचआरसी ने स्थानीय डीजी(इनवेस्टिगेशन) को आदेश भी दिया है कि मामले की जांच जल्द से जल्द की जाए.
National Human Rights Commission issues notices to a Government of West Bengal over unabated assault in Asansol- Raniganj area, also asks the DG (Investigation) to entrust a group for mark inquiry.
— ANI (@ANI) April 2, 2018
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रामनवमी पर भड़की हिंसा के बाद रविवार को बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने पहुंचा है. इस प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता ओम माथुर, शाहनवाज हुसैन, बीडी राम और रुपा गांगुली शामिल हैं. शाहनवाज ने आरोप लगाया कि हिंसा रोकने के लिए टीएमसी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाई. हिंसा पीड़ितों से मुलाकात के बाद बीजेपी प्रतिनिधिमंडल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को रिपोर्ट देंगे.
राज्य सरकार ने शनिवार को कहा था कि पंचायत चुनाव की घोषणा होने और आचार संहिता लागू होने के बाद वह बीजेपी प्रतिनिधिमंडल को दंगा प्रभावित आसनसोल और रानीगंज की यात्रा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया करा पाएगी.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 27 मार्च को रामनवमी पर बर्धमान पश्चिम जिले के रानीगंज क्षेत्र में निकाले गए जुलूस को लेकर दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प हो गई थी. इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और दो पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद आसनसोल समेत दूसरे इलाकों में भी हिंसा की आग भड़क उठी थी. फिलहाल इन इलाकों में धारा 144 लागू है. पुलिस को इंटरनेट सेवा अस्थायी तौर पर रोक दी है.
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/oUEESAbDPJ8/story01.htm
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