Sunday, 1 April 2018

सरकार SC/ST ऐक्ट में बदलाव के खिलाफ संसद में कानून लेकर आये : जिग्नेश मेवाणी


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एससी एसटी ऐक्ट की धाराओं में बदलाव के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ़ दलित संगठन आज देश भर में बन्द रख रहे हैं. पंजाब, गुजरात से लेकर राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश तक कई शहरों में दलितों ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. ये प्रदर्शन देश भर में दलित संगठनों की अगुवाई में हो रहा है.इसी क्रम में अहमदाबाद से न्यूज 18 इंडिया से बात करते हुए दलित ऐक्टिविस्ट जिग्नेश मेवाणी ने  एससी एसटी ऐक्ट की धाराओं में बदलाव के खिलाफ संसद में विधायिका लाने की मांग की है.  जिग्नेश ने कहा  हर कानून का गलत इस्तेमाल होता है, कुछ केस में एससी एसटी ऐक्ट के साथ भी ऐसा हुआ, लेकिन इस आधार पर एससी एसटी ऐक्ट कानून की पूरी गरिमा को खत्म नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी ऐक्ट की धाराओं में जो बदलाव के बाद ये कानून बिना दांत, नाख़ून के हो जाएगा.


गुजरात के वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश ने कहा कि मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं, लेकिन इस कानून के प्रति कोर्ट का रवैया सही नहीं है. केंद्र सरकार की अगर मंशा सही है और वो दलित की आवाज के साथ है तो उन्हें संसद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संसद में विधायिका लाना चाहिए और कानून बनाना चाहिए.




बता दें देश भर में दलितों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने एससी एसटी ऐक्ट में बदलाव पर पुनर्विचार याचिका दाख़िल की है.क्या है विवाद?सुप्रीम कोर्ट ने एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान एससी / एसटी ऐक्ट-1989 में बदलाव करते हुए गैर ज़मानतीय धाराओं को कमजोर करने का फैसला सुनाया था जिसके तहत अब कोर्ट की जगह आरोपी को थाने से भी जमानत मिल सकती है. दलित संगठन कोर्ट के इसी फैसले का विरोध कर रहे हैं.

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