Thursday, 31 May 2018

अमिताभ बच्‍चन कुपोषण के खिलाफ हॉर्लिक्‍स-नेटवर्क18 संग लड़ेंगे जंग


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भारत की सबसे बड़ी समस्‍या बन चुके कुपोषण से लड़ने और देश के भविष्‍य को बचाने के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्‍च्‍ान के साथ आज हॉर्लिक्‍स-नेटवर्क 18 ‘मिशन पोषण-भविष्‍य रोशन’ अभियान का आगाज किया गया है. भारत में विश्‍व के सबसे ज्‍यादा कुपोषित बच्‍चे रहते हैं. यहां के 50 फीसदी बच्‍चों को पोषणयुक्‍त भोजन नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते 5 साल से कम उम्र के 7 फीसदी बच्‍चे कम वजन वाले हैं, वहीं  5 साल से कम के 38 फीसदी बच्‍चे छोटे कद वाले हैं.’मिशन पोषण’ अभियान की शुरुआत करते हुए गुरुवार सुबह अमिताभ बच्‍चन ने ट्वीट किया है. उन्‍होंने लिखा है कि विश्‍व के कुपोषित बच्‍चों का 50 फीसदी हिस्‍सा अकेले भारत में है. ऐसे में हमें कुपोषण के खिलाफ लड़ाई शुरू करनी चाहिए.





“हॉर्लिक्स-नेटवर्क 18 मिशन पोशन – भव्य रोशन” Amitabh bachchan

गौरतलब है कि कुपोषण राष्‍ट्र के स्‍वास्‍थ्‍य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. अगर इसकी जांच के साथ इसकी रोकथाम के लिए उपाय नहीं किए जाते हैं तो यह नुकसान पहुंचा सकता है. खासतौर से बच्‍चों को प्रभावित करने वाला कुपोषण उनके शारीरिक और मानसिक विकास को रोकता है जिसकी पूर्ति करना मुश्किल है. यह राष्‍ट्र की प्रगति में बाधक है. यह स्‍ि‍थति आश्‍चर्यजनक और खतरनाक है.



“हॉर्लिक्स-नेटवर्क 18 मिशन पोशन – भव्य रोशन”

उन्‍होंने आगे ट्वीट कर लिखा है कि वे कुपोषण के खिलाफ शुरू किए जा रहे इस सबसे बड़े अभियान से जुड़कर पहला कदम बढ़ा रहे हैं.




यही वजह है कि भारत की उन्‍नति को नुकसान पहुंचाने वाली इस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए हॉर्लिक्‍स और नेटवर्क 18 ने एक साथ मिलकर कुपोषण के खिलाफ हॉर्लिक्‍स-नेटवर्क 18 ‘मिशन पोशन-भविष्‍य रोशन’ अभियान चलाया है.


यह राष्ट्रव्यापी अभियान कुपोषण के संकट को दूर करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए आहृवान से प्रेरित है. ताकि देश का हर बच्चा उज्ज्वल भविष्य और अच्‍छी तरह से पोषित भविष्‍य की उम्‍मीद कर सके. इस अभियान का उद्धेश्‍य हर भारतीय को पोषण के अधिकार के बारे में जागरूक करना है साथ ही यह बताना है कि पोषण की कमी उनके बच्‍चों के विकास और उनके भविष्य को कैसे रोक सकती है.



“हॉर्लिक्स-नेटवर्क 18 मिशन पोशन – भव्य रोशन”

अभियान के तीन प्रमुख तत्‍वों में पोषण के विभिन्न पहलुओं पर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता पैदा करना, ग्रामीण भारत में गांवों और शहरी भारत में स्कूल के बच्चों को शामिल करने के लिए पोषण पहुंच कार्यक्रम आयोजित करना और पहले 1000 दिनों के लिए पोषण सुनिश्चित करने के लिए धन जुटाना शामिल हैं. यह भारत के उन बच्‍चों के लिए है जो कुपोषण से जूझ रहे हैं और स्वस्थ जीवन जीने में मुश्किलें झेल रहे हैं.


यह अभियान सरकार के पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) को पूरा समर्थन देता है. जिसका उद्धेश्‍य देश भर में स्‍टंटिंग (उम्र के मुकाबले कद में कमी) अल्‍प-पोषण (अंडर-न्‍यूट्रीशन), एनीमिया और जन्म के समय कम वजन वाले बच्चों का स्तर घटाना शामिल है.


अभियान का एक लक्ष्‍य यह सुनिश्चित करना भी है कि बच्‍चा स्वस्‍थ और पोषित रहे ताकि देश को ऊंचाइयों तक ले जा सके. एक राष्‍ट्र के तौर पर भारत की संगठित प्रगति के लिए हर बच्‍चा मायने रखता है और पोषण ही भारत को इस लक्ष्‍य की प्राप्ति तक ले जा सकता है. यह समय है जब हम पोषण के बारे में सोचें, देश के बारे में सोचें. यह मिशन पोषण और भविष्‍य रोशन के बारे में सोचने का समय है.


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