Tuesday, 29 May 2018

अलगाववादी नेताओं ने बातचीत के लिए सरकार के सामने रखीं ये शर्तें


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केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से वार्ता का प्रस्ताव मिलने के बाद अलगाववादियों ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर समस्या का हल तलाशने की केंद्र की किसी भी कोशिश का लोग समर्थन करेंगे. बशर्ते सरकार को स्पष्टता के साथ बोलना चाहिए ताकि हुर्रियत कांफ्रेंस वार्ता प्रक्रिया में शामिल हो सके.अलगाववादी नेताओं -सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक ने एक बयान में कहा , ‘भारत सरकार द्वारा इस दिशा में की जाने वाली किसी भी कोशिश को कश्मीर और पाकिस्तान में समर्थन मिलेगा. बशर्ते भारतीय नेतृत्व को एक सुर में जम्मू कश्मीर के बारे में बोलना होगा.’


अलगाववादी नेता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र कश्मीर समस्या के हल के लिए हुर्रियत कांफ्रेंस और पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार है.


उन्होंने हालांकि दावा किया कि वार्ता को लेकर भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों के बयान में पारदर्शिता नहीं है.अलगाववादी नेताओं ने दावा किया कि दूसरे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने ऐसे बयान दिए हैं जो गृह मंत्री के बयान के उलट हैं. उन्होंने दावा किया कि वे सरकारी पदाधिकारियों के बयानों में विसंगतियों एवं अंतर की तरफ ध्यान दिलाकर कुछ हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहे बल्कि ‘हम समझना चाहते हैं कि भारत सरकार उनके जरिये क्या कहना चाह रही है ताकि हम उसका जवाब दे सकें.’


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