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केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी के पत्र के बाद अब “डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉवरी कैलकुलेटर डॉट कॉम” को प्रतिबंधित करने पर सरकार फ़ैसला ले सकती है. आईटी सूत्रों की मानें तो इस तरह के मामलों को देखने के लिए केंद्र सरकार ने एक कमिटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव करते है.ये भी पढ़ेंः मेनका गांधी की मांग, ‘दहेज कैलकुलेट करने वाली’ वेबसाइट हो बैन
कमिटी में सदस्य के तौर पर आईटी के संयुक्त सचिव और टेलीकॉम के संयुक्त सचिव हैं. कहा जा रहा है कि जल्द ही इस कमिटी की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस वेबसाइट पर कार्यवाही पर फ़ैसला लिया जा सकता है.
ग़ौरतलब है कि देश में दहेज को लेकर कड़ा क़ानून है, जिसमें दहेज मांगने और देने दोनों पर क़ानून के तहत सज़ा का प्रावधान है. ऐसे में इस क़ानून का सरकार के नाक के नीचे उल्लंघन होना चिंता का विषय है. साथ ही ऐसे वेबसाइट देश में साइबर क़ानून के सख़्त नहीं होने की वजह से धड़ल्ले से चल रहे हैं.क्या हैं ‘Dowry Calculator’ वेबसाइट
यह वेबसाइट पुरूष की उम्र, जाति, पेशे और वेतन के आधार पर उसके लिए दहेज की राशि का अनुमान लगाती है. डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉवरी कैलकुलेटर डॉट कॉम के नाम से चल रहे इस वेबसाइट पर पुरुष अपनी पर्सनल इन्फ़र्मेशन भरते हैं, जिसके बाद वेबसाइट उनकी मार्केट वैल्यू के हिसाब से उनको मिलने वाले दहेज का अनुमान लगाती है.
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महिला मामलों की जानकार रंजना कुमारी मानती हैं कि वेबसाइट के ऊपर प्रतिबंध लगाना समस्या का समाधान नहीं है बल्कि सोशल मीडिया के इस दौर में सरकार को लोगों को जागरूक करना होगा.
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/I9tI1Zl8f8k/story01.htm
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