Tuesday, 1 May 2018

न्यूज़ 18 के 'पानी की कहानी' कैंपेन की आमिर खान ने की तारीफ


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फिल्म अभिनेता आमिर खान ने न्यूज़ 18 हिंदी की ओर से जल संकट को लेकर शुरू किए गए जागरूकता कैंपेन ‘पानी की कहानी’ की तारीफ की है. उन्होंने कहा “मुझे बहुत खुशी है कि न्यूज़ 18 इस तरह का कैंपेन कर रहा है पानी बचाने के लिए…मेरी उनको शुभकामनाएं… मैं लोगों से अपील करुंगा कि वह इसमें शामिल हों.आज एक मई से hindi.news18.com ने ‘पानी की कहानी’ सीरीज शुरू की है. देश में पानी की उपलब्धता के हालात कैसे हैं. पानी को लेकर खूनी झगड़ों से लेकर राज्यों के बीच जारी जल विवाद के बीच पेयजल क्या वास्तव में पीने लायक बचा है, जैसे गंभीर मसलों पर रिपोर्टिंग शुरू हुई है.


पूरे एक महीने यह सीरीज जारी रहेगी. हम पहले हफ्ते पानी की समस्या पर फोकस करेंगे. दूसरे हफ्ते में पानी के मार्केट पर, तीसरे हफ्ते में जल संकट के समाधान और चौथे हफ्ते में पानी की कमी के सामाजिक प्रभाव क्या हुए हैं, इसकी पड़ताल की जाएगी.


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आमिर खान खुद पानी बचाने के अभियान के लिए ‘पानी फाउंडेशन’ चलाते हैं. वह इन दिनों फिल्मी दुनिया की व्यस्तताओं से दूर महाराष्ट्र के लातूर में जल जागरूकता पर काम कर रहे हैं.मार्च 2016 में महाराष्ट्र के लातूर शहर में पानी को लेकर इतना संघर्ष था कि प्रशासन ने धारा 144 लगा दी थी. सूखे की मार और उसके बाद पानी की किल्लत से जूझ रहे इस शहर में अप्रैल में पहली बार ट्रेन से पानी की आपूर्ति करनी पड़ी थी. तब वहां के लोगों को पानी की कीमत का पता चला था.Everything Need To Know Water Crisis In India, india face a problem of necessity of Drinking water, हर किसी को जल संकट के बारे में जानना चाहिए, भारत इस वक्त जल संकट से घिरा हुआ है. Paani ki kahani-water predicament conditions in india, पानी की कहानी: इतना डराने क्यों लगा है जीवन देने वाला 'पानी'        पानी की उपलब्धता लगातार कम हो रही है


मशहूर पर्यावरणविद् हिमांशु ठक्कर कहते हैं “आमिर खान ने 2016 में 116 गांवों में पानी बचाने के लिए अभियान चलाया था. अब वह चार हजार गांवों में जल मित्र बनाकर उन्हें अवार्ड दे रहे हैं. वो जल संकट झेल रहे विभिन्न गांवों के लोगों के बीच ‘वाटर कप’ का आयोजन कर रहे हैं. यह एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें कई गांव सबसे अच्छे जल प्रबंधन के लिए पुरस्कार जीतने को लेकर प्रतिस्पर्धा करते हैं. इसमें लूजर कोई भी नहीं है, क्योंकि अवार्ड के ही बहाने सही लेकिन सब पानी बचाने के लिए काम कर हैं.”


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