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दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि 26 जनवरी पर स्कूली बस से बच्चे के अपहरण मामले के आरोपी ने एक युवक की हत्या की बात भी कबूली है. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दिल्ली पुलिस के एएसआई के बेटे की गोली मारकर हत्या करने की बात स्वीकारी है. उसने बताया कि आरोपी की चचेरी बहन से मारे गए युवक की करीबी थी इससे गुस्सा होकर वारदात को अंजाम दिया गया.जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी से ठीक एक दिन पहले दिल्ली के जीटीबी एन्क्लेव इलाके में एक स्कूल बस से बच्चे का अपहरण कर लिया गया था. इस मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के एक ASI के बेटे को अगवा कर उसकी हत्या की थी. क्राइम ब्रांच के मुताबिक 16 जुलाई 2016 को दिल्ली के गोकुलपुरी थाने में एएसआई की तरफ़ से शिकायत दी गई थी कि उनका 23 साल का बेटा राहुल तिवारी 4 जून से अगवा है. उसे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया. यह मामला 18 जुलाई 2016 को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर किया गया. लेकिन ये मामला अनसुलझा रहा
इस साल पुलिस ने जब जीटीबी एन्क्लेव किडनेपिंग मामले में गाजियाबाद में एनकाउंटर के बाद आरोपी नितिन शर्मा को गिरफ्तार किया और 24 मोबाइल फोन बरामद किए. इसके बाद इन 24 मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की गई तो इसमें से दो मोबाइल फोन मृतक राहुल तिवारी के मिले. जब राहुल तिवारी के नजदीक दोस्त रंजीत देशवाल को बुलाकर पूछताछ की गई तो उसने आरोपी नितिन शर्मा की पहचान कर ली. रंजीत ने बताया कि 4 जून 2014 को उसने राहुल को नितिन तिवारी के साथ एक सफेद रंग की कार में देखा था. राहुल तिवारी ने भी रंजीत को बताया था कि वो नितिन के साथ जयपुर पार्टी करने जा रहा है.
पूछताछ में नितिन ने कबूल कर लिया कि उसने राहुल तिवारी की अपहरण के बाद हत्या कर दी थी. आरोपी राहुल को लेकर गुरुग्राम के घाटा गांव गया और वहां उसने अपने साथियों के साथ राहुल की गोली मारकर हत्या कर उसके शव को जलाने की कोशिश की. पूछताछ में खुलासा हुआ कि नितिन की चचेरी बहन की मृतक राहुल तिवारी के साथ नजदीकी दोस्ती थी. यह बात नितिन और लड़की के परिवार को पसंद नही थी. इसके चलते नितिन ने अपने दोस्त रवि के साथ राहुल को मारने की घटना को अंजाम दिया. रविा किडनेपिंग केस में गाजियाबाद में पुलिस नकाउंटर में मारा गया था.
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