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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ कार्यालय में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर जारी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राशिद अल्वी ने भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वीसी को अब तक तस्वीर हटा लेनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हटाई.वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अल्वी ने कहा कि जिन्ना फ्रीडम फाइटर नहीं थे, एक दिन जेल नहीं गए, पाकिस्तान बनाने के लिये वह जिम्मेदार हैं लेकिन उनकी सबसे अधिक तारीफ आडवाणी ने की. आडवाणी ने जिन्ना को सेक्युलर बताया था. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जसवंत सिंह ने किताब लिखी की वो महान नेता थे, इसका जवाब तो बीजेपी को देना चाहिए.
अल्वी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक चुनाव को देखते हुये मुद्दा उठाया जा रहा है. अलीगढ़ विश्वविद्यालय में 1920 से जिन्ना की तस्वीर लगी है. वह तस्वीर क्यों लगी है, आरएसएस का वीसी वहां है. वीसी को बर्खास्त करना चाहिये कि जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हटाई गई? अटल जी की सरकार 6 साल रही क्यों नहीं तस्वीर हटाई गई.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ कार्यालय में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर बखेड़ा खड़ा हो गया है. इस मामले में बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर जिन्ना की तस्वीर के बारे में जानकारी मांगी है.स्थानीय भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम ने AMU कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखकर पूछा है कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर किन-किन जगहों पर लगी हुई है. बीजेपी सांसद ने सवाल किया है कि जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और इस समय भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है. ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है?
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