Thursday, 3 May 2018

कर्नाटक चुनावः BJP का 'मोदी बनाम राहुल' का पैंतरा हुआ फेल, कांग्रेस ने पलटा पासा


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(डीपी सतीश)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर्नाटक चुनाव रैली की शुरुआत करते ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान तेज हो गया है. पीएम मोदी ने मंगलवार को अपने चुनावी रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 15 मिनट तक बिना पेपर देखे बोलने की चुनौती दी. इसके बाद तुरंत ही कांग्रेस ने इसका जवाब दिया लेकिन ये जवाब राहुल गांधी की तरफ से नहीं बल्कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की ओर से आया. उन्होंने ट्वीट कर पीएम मोदी को उनके साथ बहस करने के लिए चुनौती दी.


इसके अगले दिन उन्होंने मोदी को 15 मिनट तक पेपर देखकर पिछली येदियुरप्पा सरकार की उपलब्धियां गिनाने की भी चुनौती दे दी. जो कांग्रेस के लिए एक मास्टरस्ट्रोक बन गया.


ऐसा लग रहा है कि भाजपा चुनावी कैंपेन को मोदी बनाम राहुल गांधी बनाने की कोशिश कर रही है क्योंकि प्रधानमंत्री लगातार अपने भाषणों में कांग्रेस अध्यक्ष और उनके पूर्वजों पर हमला बोल रहे हैं वहीं सिद्धारमैया और उनकी राज्य सरकार पर चुप्पी साधे हुए हैं.राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार बीजेपी को यह एहसास हो गया है कि बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाले भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता मतदाताओं को लुभाने और सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ बड़ा कैंपेन करने में नाकामयाब रहे.


भाजपा के बड़े नेताओं को भी लगता है कि सिद्धारमैया पर हमला बोलने की जगह राहुल गांधी पर हमला बोलना उनको ज्यादा फायदा पहुंचा सकता है. इसलिए यह लोकसभा चुनाव कैंपेन अब विधानसभा चुनावों के कैंपेन की तरह प्रतीत हो रहा है जिसमें राष्ट्रीय मुद्दों पर ही बहस की जा रही है. लेकिन कांग्रेस को इस बात का अंदाजा है कि इस चुनाव को बीजेपी बनाम राहुल गांधी बनाना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है और वह इस जाल में फंसने से बच रही है. इसी को देखते हुए सिद्धारमैया को मोदी पर हमला बोलने के लिए कहा गया है और मोदी से उनके सरकार की उपलब्धियों के बारे में पूछा गया.


एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ” राज्य में बीजेपी का मनोबल बहुत कम हो चुका है. ऐसा लग रहा है कि मतदान से पहले उन्होंने हार मान ली है. लेकिन वह जानते हैं कि भाजपा की पिछली सरकार में बोलने के लिए उनके पास कुछ भी नहीं है क्योंकि यह भ्रष्ट और गुडों की सरकार है.”


उन्होंने आगे कहा, ” सिद्धारमैया सरकार ने बहुत अच्छे काम किए हैं इसलिए प्रधानमंत्री इस चुनाव को मोदी बनाम राहुल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हम उनके जाल में नहीं फंसना चाहते, इसलिए सिद्धारमैया उनके हमलों का जवाब दे रहे हैं.”


बीजेपी के कर्नाटक विधानसभा चुनाव को मोदी और राहुल के बीच लड़ाई में बदलने का प्रयास कई कन्नडिगों के गले से नहीं उतर रहा. रामचंद्र महारुद्रप्पा, जो की एक स्वतंत्र राजनीतिक पर्यवेक्षक हैं, उनका कहना है कि यह राज्य चुनाव था तो इसमें राष्ट्रीय मुद्दों पर नहीं बल्कि राज्य के मुद्दों पर चर्चा और बहस होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ” मोदी और राहुल यहां मुद्दा नहीं हैं. सिद्धारमैया, येदियुरप्पा और कुमारस्वामी प्रमुख मुद्दे हैं. सभी पार्टियों को इस पर चर्चा करनी चाहिए.”


इस चुनाव को अपने पाले में लेने के लिए बीजेपी लगातार मोदी पर विश्वास जताए हुए है कि वे इसे अपनी तरफ मोड़ लेंगे. पहले मोदी ने 5 दिन में 15 रैली करने के लिए हामी भरी थी लेकिन अब अगले 8 दिनों में वे 21 रैलियां करेंगे. चुनाव में हिदुत्व कार्ड खेलने के लिए पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी रैली में शामिल करने का फैसला किया है.


चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को सही बताते हुए बीएस येदियुरप्पा ने कहा, ”नरेन्द्र मोदी हमारे नेता है. वे सबसे बड़े नेता है. उनके जबरदस्त कैंपेनिंग से हम कर्नाटक में फिर से सत्ता में आ जाएंगे.”


हालांकि भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार येदियुरप्पा ने इस बात से इनकार किया कि भाजपा इस चुनाव को मोदी बनाम राहुल बना रही है. उन्होंने कहा, ”राहुल इस चुनाव में कोई मुद्दा नहीं हैं. मोदी से सिद्धारमैया की कोई बराबरी नहीं है. हम इन सबको लेकर चिंता में नहीं हैं.”


सिद्धारमैया किसी भी तरह से चुनाव जीतना चाहते हैं और इसको लेकर वे लगातार मोदी और येदियुरप्पा पर हमला बोल रहे हैं. उन्होंने कहा, ” चाहे मोदी सौ बार भी आ जाएं, स्थितियां नहीं बदलेंगी. लोग कांग्रेस के साथ हैं और हम दुबारा सत्ता में आएंगे.”


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