Monday, 28 May 2018

रोहित के बाद धोनी ने इस खिलाड़ी की बदली किस्‍मत, अब उन्‍हें बना दिया चैंपियन


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चेन्‍नई सुपर किंग्‍स के पास महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, ड्वेन ब्रावो जैसे सुपरस्‍टार खिलाड़ी मौजूद हैं. जबकि इस फेहरिस्‍त में एक और खिलाड़ी ने अपना नाम दर्ज कराया है और वो हैं अंबाती रायडु. संयोग की बात है कि चेन्‍नई भी नौवीं बार आईपीएल के मैदान में है और ऐसा ही कुछ रिकॉर्ड रायडु का है. ये अलग बात है कि वो पहली बार इस टीम का हिस्‍सा हैं और अपने दमदार प्रदर्शन से हर किसी का ध्‍यान खींच लिया है.सही मायने में अंबाती रायडु ना सिर्फ चेन्‍नई सुपर किंग्‍स बल्कि आईपीएल 11 के भी सुपरस्‍टार हैं. उन्‍होंने इस बार 16 मैचों में 43 के औसत और 149.75 के स्‍ट्राइक रेट से 602 रन बनाये हैं और वह सर्वाधिक रन बनाने वाले प्‍लेयर्स की लिस्‍ट में चौथे नंबर पर हैं. उन्‍होंने नाबाद 100 रन की पारी के अलावा तीन अर्धशतक लगाये हैं. जबकि वह चेन्‍नई के लिये 53 चौके और 34 छक्‍के लगाने में सफल रहे हैं.


रायडु का आईपीएल में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन
अंबाती रायडु ने 2010 में आईपीएल में कदम रखा था और उन्‍होंने मुंबई इंडियंस के लिये 14 मैचों में 356 रन बनाये थे. इसके बाद वह 2017 तक मुंबई इंडियंस टीम का ही हिस्‍सा रहे. रायडु ने 2011 में 16 मैचों में 395 रन, 2012 में 17 मैचों में 333 रन, 2013 में 19 मैचों में 265 रन, 2014 में 15 मैचों में 361 रन, 2015 में 15 मैचों में 281 रन, 2016 में 13 मैचों में 334 रन और 2017 में पांच मैचों में 91 रन बनाये.इस दौरान मुंबई इंडियंस तीन बार चैंपियन बनी, लेकिन साल 2017 में रायडु के खराब प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट ने उन पर दांव लगाना उचित नहीं समझा. आईपीएल 2018 में वह अब तक 602 रन बना चुके हैं. अगर आईपीएल की बात की जाये तो उन्‍होंने 130 मैचों में 3018 रन बनाये हैं, जिसमें एक शतक और 17 अर्धशतक शामिल हैं.


ओपनर बनते ही हुआ कायापलट
मुंबई के साथ वह आठ सीजन खेले और इस दौरान अक्‍सर मिडल ऑर्डर में खेलते नजर आये. इस बार चेन्‍नई सुपर किंग्‍स ने कप्‍तान धोनी के इशारे पर अपनी टीम में 2.20 करोड़ की कीमत में शामिल किया. शायद ये धोनी का ही भरोसा था कि जिस खिलाड़ी को आईपीएल के पहले आठ साल मिडल ऑर्डर में खेलने का मौका मिला उसे उन्‍होंने ओपनर बना दिया. बतौर ओपनर उन्‍होंने 22, 39, 12, 82,46, 32, 12, 100 नाबाद, 50 और 1 रन की पारियां खेली हैं. जबकि नंबर तीन पर दो बार खेलते हुए 49 और जीरो का स्‍कोर किया. वह पहले क्‍वालीफायर में बिना कोई रन बनाये आउट हुए थे. वहीं नंबर चार पर उन्‍होंने 79, 31, 21 और नाबाद 16 रन की पारियां खेली हैं. सबसे अच्‍छी बात ये है कि वह 16 पारियों में सिर्फ तीन बार दहाई के आंकड़े को नहीं छू सके हैं.

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