Wednesday, 2 May 2018

सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम मीटिंग का फैसला, प्रमोट नहीं होंगे जस्टिस केएम जोसेफ


READ MORE

उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ के सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस के तौर पर प्रमोशन को फिलहाल रोक दिया गया है. पांच सदस्यीय वरिष्ठ जजो की कॉलेजियम मीटिंग में यह फैसला लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जनवरी में ऐसे जजों के नामों की सिफारिश की थी, जिन्हें अपग्रेड किया जाना था. इसमें जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस केएम जोसेफ का नाम भी शामिल था. लेकिन, केंद्र सरकार ने सिर्फ इंदु मल्होत्रा के नाम पर मुहर लगाई. इसके बाद जस्टिस केएम जोसेफ समेत कई जजों का नाम पेंडिग लिस्ट में डाल दिया गया है.इन जजों ने की थी जस्टिस जोसेफ की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट में जज के लिए सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के कॉलेजियम ने जस्टिस जोसेफ के नाम की सिफारिश की थी.


कौन हैं जस्टिस जोसेफ?जस्टिस जोसेफ ने उस पीठ की अगुवाई की थी जिसने वर्ष 2016 में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था. तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी. सरकार ने जस्टिस जोसेफ की प्रमोशन संबंधी कॉलेजियम की सिफारिश उसके पास पुनर्विचार के लिए यह कहते हुए लौटा दिया गया था कि यह शीर्ष अदालत के मापदंड के अनुरुप नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में केरल का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है.


जस्टिस जोसेफ केरल से आते हैं. जस्टिस जोसेफ जुलाई, 2014 से उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं. वह इस साल जून में 60 साल के हो जाएंगे. उन्हें 14 अक्तूबर , 2004 को केरल हाईकोर्ट में स्थायी जस्टिस नियुक्त किया गया था और उन्होंने 31 जुलाई , 2014 को उत्तराखंड हाईकोर्ट का प्रभार संभाला था. चीफ जस्टिस जस्टिस मिश्रा , जस्टिस जे चेलमेश्वर , जस्टिस रंजन गोगोई , जस्टिस बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के कॉलेजियम ने जस्टिस के एम जोसेफ के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर की थी.


Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/GfetNAGJsGE/story01.htm

No comments:

Post a Comment